बीमा कंपनी दे 1.25 करोड की बीमा राशि साथ ही 5 लाख रुपए हर्जाना भी करे अदा
जयपुर, 09 मार्च । जिला उपभोक्ता आयोग, द्वितीय ने बीमा होने के बावजूद आग लगने से हुए नुकसान की भरपाई नहीं करने पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी पर पांच लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही आयोग ने क्लेम राशि 1.25 करोड रुपए भी ब्याज सहित अदा करने को कहा है। वहीं आयोग ने बीमा कंपनी को कहा कि वह परिवाद व्यय के तौर पर 50 हजार रुपए परिवादी को अतिरिक्त अदा करे। आयोग अध्यक्ष जीएल मीना और सदस्य अजय कुमार व सुप्रिया अग्रवाल ने यह आदेश श्री लक्ष्मी नारायण इंडस्ट्रीज की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद में अधिवक्ता डीडी बंसल ने आयोग को बताया कि परिवादी ने अपने व्यवसाय को सुचारू चलाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक से लोन लिया था और बैंक ने अपने लोन की सुरक्षा के लिए विपक्षी बीमा कंपनी से फायर इंश्योरेंस लिया था। जिसकी बीमा अवधि 18 अक्टूबर, 2019 से 17 अक्टूबर, 2020 की थी। इसके बदले परिवादी से प्रीमियम के तौर पर 1.32 लाख रुपए वसूले गए थे। परिवाद में कहा गया कि 14 मार्च, 2020 की देर रात फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और पूरा स्टॉक जल गया। बीमा कंपनी को सूचना देने पर सर्वेयर नियुक्त किए गए। वहीं फाइनल सर्वेयर ने नुकसान का आंकलन 1.25 करोड रुपए का कर अपनी रिपोर्ट बीमा कंपनी को दे दी। परिवाद में कहा गया कि बीमा कंपनी ने आईआरडीए के नियमों के खिलाफ जाकर मामले में इन्वेस्टीगेट नियुक्त किया। जिसने फोरेंसिक विशेषज्ञ को नियुक्त कर उससे रिपोर्ट ली। जब परिवादी ने बीमा कंपनी में संपर्क किया तो कंपनी ने क्लेम राशि के तौर पर 30 लाख रुपए लेने का प्रस्ताव रखा। जिसे परिवादी ने मना कर दिया। जिससे नाराज होकर बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने क्लेम राशि अदा करने के साथ ही बीमा कंपनी पर हर्जाना भी लगाया है।