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एआई इम्पैक्ट समिट में कांग्रेस का आचरण राष्ट्र को शर्मसार करने वाला: मदन राठौड़

जयपुर, 21 फ़रवरी । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए आचरण की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि यह कोई साधारण राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा के विरुद्ध गंभीर कृत्य है। जब पूरा विश्व भारत की नेतृत्व क्षमता, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रभाव को स्वीकार कर रहा है, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगियों द्वारा देश की छवि धूमिल करने का प्रयास अत्यंत निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की भागीदारी तथा 2.5 लाख लोगों के पंजीकरण ने यह सिद्ध किया है कि भारत आज वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विश्व के शीर्ष उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भारत की तकनीकी प्रगति, डिजिटल परिवर्तन और दूरदर्शी नेतृत्व की खुलकर सराहना की है।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को अपने आचरण पर आत्ममंथन कर क्षमा याचना करनी चाहिए थी, इसके विपरीत उसके नेताओं ने ऐसे प्रदर्शन को उचित ठहराने का प्रयास किया। लोकतंत्र में सरकार और नीतियों की आलोचना का अधिकार सभी को है, किंतु देश के विरुद्ध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को क्षति पहुँचाना अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व कल्याण, डिजिटल क्रांति और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के शासन में डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने देश के छोटे से छोटे व्यापारी और सड़क विक्रेता तक को सशक्त बनाया है। भारत की तीव्र प्रगति को विश्व के अनेक नेताओं ने सार्वजनिक रूप से सराहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। पार्टी और सरकार की बैठकों में भी यह मार्गदर्शन दिया जाता है कि किसी भी वक्तव्य या कार्य से देश की गरिमा को आघात नहीं पहुँचना चाहिए। इसके विपरीत राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता निरंतर भारत की उपलब्धियों पर प्रश्न चिह्न लगाते रहे है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, परंतु देश को बदनाम करना या राष्ट्र की छवि को नुकसान पहुँचाना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं हो सकता। कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए और देश को शर्मसार करने वाले कृत्यों से स्वयं को दूर रखना चाहिए।

राठौड़ ने अंत में कहा कि भारत आज विश्व नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है और देश की जागरूक जनता राष्ट्रहित के विरुद्ध किसी भी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।

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