मध्य प्रदेश में महाशिवरात्रि की धूम, राजधानी में आस्था का सैलाब, उज्जैन में 44 घंटे खुला रहेगा बाबा महाकाल का दरबार
भोपाल, 15 फ़रवरी । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरा देश शिवमय हो उठा है। मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे हैं और श्रद्धालु भक्ति-भाव से भोलेनाथ की आराधना में लीन हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी आस्था का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही दर्शन और अभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी हैं, वहीं भव्य शिव बारात को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
महाशिवरात्रि पर राजधानी भाेपाल में भव्य शिव बारात सुबह 11 बजे पुराने शहर स्थित शिवालय भवन से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा सिंधी मार्केट, जनकपुरी हनुमानगंज, मंगलवारा, ट्रांसपोर्ट एरिया, इतवारा, चिंतामन चौराहा, गणेश चौक, सावरकर चौक लखेरापुरा होते हुए रात 10 बजे मां भवानी मंदिर पहुंचेगी, जहां पारंपरिक वरमाला की रस्म अदा की जाएगी। आयोजन समिति के संयोजक संजय अग्रवाल ने बताया कि, बारात मार्ग पर घर-घर पूजन और स्वागत की व्यापक तैयारियां की गई हैं। सैकड़ों सामाजिक संस्थाएं, विभिन्न समाज और ट्रस्ट अपने-अपने मंचों से शोभायात्रा का स्वागत करेंगे। पूरे मार्ग को आकर्षक सजावट और रोशनी से सजाया जा रहा है। बड़वाले महादेव मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सुबह दस बजे पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री यहां भगवान शिव के दर्शन, पूजन-अर्चन एवं सवारी के दिव्य कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
चांदी के नंदी पर सवार होंगे बाबा बटेश्वर
बारात का मुख्य आकर्षण दूल्हा स्वरूप में चांदी के नंदी पर सवार बाबा बटेश्वर रहेंगे। आकर्षक रथ पर विराजमान उनका दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। प्रदेश के प्रसिद्ध बैंड, विभिन्न प्रांतों से आए नृत्य दल और सुंदर झांकियां शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगी।
इस वर्ष एक विशेष पहल के तहत युवाओं के डमरू दल में पहली बार 50 से अधिक बालिकाएं शामिल हो रही हैं, जो डमरू वादन कर उत्सव को नई ऊर्जा देंगी। आयोजन बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति एवं ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अनुशासन और धार्मिक गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
बैरागढ़ में 22 वर्षों से निभ रही परंपरा
संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित संकट मोचन खेड़ापति हनुमान मंदिर में पिछले 22 वर्षों से महाशिवरात्रि का उत्सव भव्य रूप में मनाया जा रहा है। सुबह शिव अभिषेक, हवन और पूजन के बाद दोपहर में भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। डमरू पार्टी, हाथी-घोड़े, डीजे और विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां इस शोभायात्रा का हिस्सा होंगी। रात्रि में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
उज्जैन में 44 घंटे खुला रहेगा दरबार
धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। तड़के तीन बजे विशेष पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती संपन्न हुई। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने पहुंचे। अनुमान है कि आज 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच सकते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर के पट लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे। भगवान शिव यहां भूतभावन महाकाल रूप में विराजमान हैं। बारह ज्योतिर्लिंगों में से यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। बाबा महाकाल पर प्रतिदिन भस्म चढ़ाने की परंपरा इस मंदिर को विशेष आध्यात्मिक पहचान देती है। महाशिवरात्रि पर पूरा उज्जैन शहर मानो शिवभक्ति के अमृत में स्नान करता नजर आ रहा है। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर प्रदेश भर में श्रद्धा, उल्लास और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।