टाटा लीज नवीनीकरण पर मूलवासी मंच ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
पूर्वी सिंहभूम, 10 फ़रवरी । झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण से जुड़े मामलों को लेकर मंगलवार को उपायुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। मंच के मुख्य संयोजक हरमोहन महतो के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में रैयतों, मूल निवासियों और विस्थापितों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है। मंच ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 में हुए लीज नवीनीकरण के दौरान रैयतों और विस्थापितों को न्याय नहीं मिला, इसलिए इस प्रक्रिया की जिला स्तर पर पुनः समीक्षा और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया है कि लीज नवीनीकरण के समय कई रैयतों की जमीन या तो प्रक्रिया से छूट गई या जानबूझकर शामिल नहीं की गई। ऐसी सभी जमीनों को चिन्हित कर मूल रैयतों को वापस किया जाए। मंच का आरोप है कि बिना लीज या अधिग्रहण के कई भूमि पर कब्जा किया गया है, जिसकी पहचान कर सीएनटी-एसपीटी अधिनियम और भूमि सुधार कानून के तहत अवैध कब्जों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मंच ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पुराने तालाबों, जलस्रोतों और गैर-मजरूआ जमीन को ग्रामसभा के हवाले करने तथा निजी और कॉरपोरेट कब्जा समाप्त करने की मांग की है।
मंच ने मूल रैयत खतियानधारियों की जांच के लिए समिति गठित करने की भी मांग की है। ज्ञापन के साथ रैयतों की एक अतिरिक्त सूची संलग्न की गई है। झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने उपायुक्त से सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर जरूरी कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि रैयतों, मूल निवासियों और विस्थापितों को उनका हक और न्याय मिल सके।