मंडलाः कम्यूनिटी पुलिसिंग को सशक्त बनाने के लिए हुआ सृजन कार्यक्रम
मंडला, 29 जनवरी । कम्यूनिटी पुलिसिंग को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के मंडला जिले के शासकीय जगन्नाथ उत्कृष्ट विद्यालय में 18 दिवसीय सृजन कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 80 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
आयोजन पुलिस विभाग मण्डला एवं आई.एस.आर.डी. संस्था के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। समापन समारोह की मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और कानून के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हैं। यह पहल पुलिस और समाज के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जो भी ज्ञान और प्रशिक्षण आपने प्राप्त किया है, उसे केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएँ।
मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि किशोर और किशोरियों को आत्मरक्षा के गुर सीखकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी छात्रावासों में आत्मरक्षा और जागरूकता से जुड़ी ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बच्चे स्वयं को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सकें। उन्होंने कानूनी जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। आज का समय डिजिटल मीडिया का है, ऐसे में अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें।
पीएचई मंत्री ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी असहज या गलत स्थिति में चुप न रहें। तुरंत भरोसेमंद लोगों को जानकारी दें और आवश्यकता पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 112 (आपातकालीन सेवा) पर संपर्क करें। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के सदस्यों से नियमित संपर्क बनाए रखें, उनसे खुलकर बातें साझा करें, क्योंकि परिवार ही सबसे बड़ा सहारा और सुरक्षा कवच होता है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना ही सृजन कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सृजन कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना, नशामुक्ति, साइबर जागरूकता, आत्मरक्षा एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बच्चों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने कहा कि कम्यूनिटी पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच संवाद और सहयोग को नई दिशा मिलती है। आई.एस.आर.डी. मण्डला से आईएसआरडी के प्रतिनिधि चन्द्रहास पटेल ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और उपलब्धियों की जानकारी दी। विद्यालय की छात्रा प्रियंका धुर्वे एवं छात्र दिपांशु मरावी ने सृजन कार्यक्रम में प्राप्त हुए अनुभव भी साझा किए। समापन कार्यक्रम में प्राचार्य कल्पना नामदेव, आईएसआरडी प्रतिनिधि अनीता सोनगोत्रा सहित पुलिस विभाग का अमला एवं छात्र-छात्राएं और शिक्षकगण मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सहभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।