नयना देवी मंदिर में जूते पहनकर प्रवेश का वीडियो वायरल, प्रबंधन ने बताया भूलवश हुई घटना
नैनीताल, 27 जनवरी ।नैनीताल स्थित आराध्य देवी माता नयना देवी मंदिर से कुछ लोगों के जूते पहनकर बाहर निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। विशेषकर हिंदूवादी संगठनों में इस मामले को लेकर आक्रोश देखा गया। हालांकि मंदिर प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम को एक भूल बताया है।
माता नयना देवी मंदिर का प्रबंधन करने वाले अमर उदय ट्रस्ट के व्यवस्थाधिकारी सुरेश मेलकानी ने बातचीत में बताया कि यह घटना 24 जनवरी की दोपहर लगभग 12 बजे की है। उनके अनुसार 5–6 मुस्लिम युवक-युवतियां, जिनमें कुछ बच्चे भी थे, गलती से मंदिर परिसर में जूता स्टैंड से कुछ कदम भीतर आ गए थे। सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर उन्होंने बताया कि वे नैनी झील में नौकायन के लिए जा रहे थे और भूलवश मंदिर के मार्ग को बोट स्टैंड का रास्ता समझ बैठे।
मेलकानी ने बताया कि समझाने पर सभी लोग तुरंत मंदिर परिसर से बाहर लौट गए थे। उनके बाहर निकलते समय का वीडियो किसी सैलानी द्वारा बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद धार्मिक आधार पर गलतफहमी फैल गई, जिससे कुछ संगठनों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी।
मंदिर प्रबंधन ने इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए हैं, जिनमें स्पष्ट दिखाई देता है कि संबंधित लोग कुछ ही सेकेंड के भीतर रोके जाने पर मंदिर से वापस लौट गए थे। सुरेश मेलकानी ने कहा कि नयना देवी मंदिर में सभी धर्मों के लोग आते हैं और यहां किसी के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कई मुस्लिम श्रद्धालु आस्था के रूप में सोने-चांदी की आंखें चढ़ा चुके हैं और महिलाएं इसे सुरक्षित स्थान मानकर बच्चों को स्तनपान कराने भी आती हैं।
उन्होंने अपील की कि बिना तथ्य जाने किसी भी घटना को धार्मिक रंग न दिया जाए और शांति व सौहार्द बनाए रखा जाए।