फर्रुखाबाद में तट बंध बनाने को लेकर किसान आंदोलित
फर्रुखाबाद, 17 जनवरी । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति की बैठक अर्जुनपुर में शनिवार काे संपन्न हुई। बैठक में आए सभी लोगों ने तटबंध बनवाने के लिए हर स्तर पर साथ और सहयोग देने का वादा किया। बैठक में आए लोगों का कहना था कि बिना तटबंध के गंगापार का जीवन अंधकारमय होने से बचाने के लिए तटबंध बनना बहुत आवश्यक है।
तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि तटबंध लाखों लोगों की जीवन रेखा साबित होगा। इसके बनने के बाद क्षेत्र में खुशहाली आएगी, लोगों के घर मकान, खेत, खलियान बचेंगे और आम जनमानस को राहत मिलेगी। आज पूरे क्षेत्र का बच्चा बच्चा चाह रहा है कि तटबंध बने, जिससे बाढ़ से लोगों को मुक्ति मिलेगी।
भईयन मिश्रा ने कहा कि बहुत जल्द समिति की एक और बैठक होगी जिसमें पदयात्रा जो कि खड़हर से लेकर अटेना घाट तक होगी। इसमें सैकड़ों लोग साथ चलेंगे। यह जनपद की एक ऐतिहासिक यात्रा होगी।
बैठक को संबोधित करते हुए समाजसेवी केशव भान साध ने कहा कि तटबंध बनाना बहुत जरूरी है। क्योंकि हर वर्ष जो बाढ़ आती है वह क्षेत्र में तबाही लाती है। इस तबाही से बचने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार जल्द से जल्द तटबंध बनवाए। सामेंद्र सिंह प्रधान अर्जुनपुर ने कहा कि तटबंध हम लोगों के लिए बहुत जरूरी है। बाढ़ की विभीषिका से समस्त क्षेत्र प्रभावित रहता है। लोगों के सामने जीवन मरण का प्रश्न पैदा हो जाता है। लोग बीमार हो जाते हैं पर उनको कई बार अस्पताल तक पहुंचाना बहुत मुश्किल काम हो जाता है।
तिवारीपुर के प्रधान अखिलेश ने कहा कि तटबंध ही एकमात्र विकल्प है जिससे क्षेत्र बच पाएगा, नहीं तो जिस प्रकार से प्रतिवर्ष बाढ़ आ रही है धीरे-धीरे ग्रामों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। इसको रोकने के लिए तटबंध बनाना बहुत आवश्यक है।
राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे ने कहा कि सही अर्थों में जनता का सेवक वही कहलाता है जो जनता के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करता है। आज तटबंध वक्त की जरूरत है। पूर्व प्रधान अर्जुनपुर कैलाश सिंह ने कहा कि क्षेत्र का एक-एक व्यक्ति तटबंध बनवाने के लिए हर प्रकार का संघर्ष करने को तैयार है। जहां जरूरत होगी हम सब लोग पहुंचेंगे। हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव प्रताप सिंह उर्फ टिल्लू ने कहा कि गंगा पार क्षेत्र के लिए तटबंध बहुत जरूरी है। इस मौके पर काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।