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रावलपिंडी में पीटीआई के विरोध प्रदर्शन की भनक से हड़कंप, सारा शहर छावनी में तब्दील

एआई के अनुसार, पीटीआई समर्थकों के संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पूरे शहर में 1,300 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लियाकत बाग, फव्वारा चौक, कमेटी चौक और फैजाबाद सहित प्रमुख स्थानों पर 32 नाके लगाए हैं। आदियाला जेल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी जेल में इमरान खान को रखा गया है। यहां जाने वाले सभी रास्तों पर बंकर बनाए गए हैं। किसी भी प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को दंगा-रोधी उपकरणों से लैस किया गया है, जिसमें आंसू गैस और रबर की गोलियां शामिल हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक और धार्मिक सभाओं पर तीन दिन का प्रतिबंध (धारा 144) लगाया गया है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई समर्थकों ने रविवार को पेशावर और खैबर-पख्तूनख्वा के दूसरे शहरों में इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को दोषी ठहराए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पेशावर में प्रदर्शनकारी असेंबली चौक पर इकट्ठा हुए। वक्ताओं ने अदालती फैसलों की निंदा करते हुए दावा किया कि संस्थापक चेयरमैन और उनकी पत्नी को राजनीतिक बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है और न्यायपालिका निष्पक्ष न्याय देने में नाकाम रही है।

वक्ताओं ने चेतावनी दी कि इससे पार्टी को चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने का निर्देश दिया है। दुनिया न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने तोशाखाना के दूसरे मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। अपने वकीलों से इमरान खान ने कहा कि यह फैसला कोई हैरानी की बात नहीं है और इसे एक और राजनीतिक मकसद से लिया गया फैसला बताया। उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को जन आंदोलन की तैयारी करने का निर्देश दिया है। खान ने कहा, “राष्ट्र को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए।” पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि इमरान खान ने विरोध का साफ संदेश दिया है। इमरान ने कहा है कि वह दबाव में माफी नहीं मांगेंगे ना ही समझौता करेंगे।

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