(अपडेट) विधायक जाति विवाद का फैसला टला, आदिवासी समाज का चक्का जाम
समिति के समक्ष आज दोनों पक्ष उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता पक्ष ने अपने सभी दस्तावेज समिति के हवाले कर दिए, जबकि बचाव पक्ष द्वारा पूर्व में दर्ज आपत्तियों पर समिति ने उपलब्ध जवाबों का अध्ययन शुरू किया। सभी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद समिति ने कहा कि निर्णय अब 29 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
इधर, फैसला टलने के तुरंत बाद सर्व आदिवासी समाज के लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने बलरामपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह मामला लंबे समय से लंबित है और अब 29 दिसंबर की तारीख अंतिम होनी चाहिए। अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यदि 29 दिसंबर को समिति फैसला नहीं सुनाती है, तो अगले ही दिन आदिवासी समाज व्यापक चक्का जाम करने को बाध्य होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस बीच कलेक्ट्रेट क्षेत्र में पूर्ववत धारा 144 लागू रही और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। प्रशासन किसी भी संभावित तनाव को देखते हुए सतर्क बना हुआ है। अब जिले में सभी की निगाहें 29 दिसंबर को होने वाले फैसले पर टिकी हैं।