एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने नेहरू पार्क में स्कल्प्चर पार्क के लिए स्थान का किया निरीक्षण
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 और कला-संस्कृति संवर्धन के विज़न के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि स्कल्प्चर पार्क के लिए अंतिम स्थान तय करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। इसके बाद एनडीएमसी एक माह तक चलने वाला नेशनल स्कल्प्चर सिम्पोज़ियम आयोजित करेगा। इसमें देशभर के लगभग 15 नामी मूर्तिकार— कई पद्म और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता—लाइव मूर्तियां तैयार करेंगे। हर मूर्ति 10 से 15 फुट ऊंची होगी और इन्हें नेहरू पार्क के नए स्कल्प्चर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।
कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एनडीएमसी ने मई 2025 में एक आर्ट एंड कल्चर विभाग बनाया था। इस साल कला गतिविधियों के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जो एनडीएमसी के कुल खर्च का लगभग एक प्रतिशत है। साथ ही, एक अर्बन आर्ट्स एंड कल्चर फोरम भी गठित किया गया है, जो संस्कृति से संबंधित कार्यक्रमों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगा।
चहल ने कहा कि यह स्कल्प्चर पार्क न केवल स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों को मंच देगा, बल्कि दिल्ली के पर्यटन को भी नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि भारत अपनी कला, संस्कृति और रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर नए आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करे। एनडीएमसी का यह प्रयास उसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निरीक्षण के दौरान पद्मश्री कलाकार अद्वैत गडनायक, वरिष्ठ कलाकार टूटू पटनायक और एनडीएमसी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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