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एसआईआर प्रक्रिया से मतदाता सूची में छेड़-छाड़ देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर गंभीर प्रहार – सचिन पायलट

सचिन पायलट ने कहा कि मतदाता सूची बनाना, नाम जोड़ना-काटना चुनाव प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के अधीन है। बिहार में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट गए। राहुल गांधी ने प्रमाण के साथ कई बार कहा है, वोट चोरी हुई, नाम काटे गए। निर्वाचन आयोग ने इस प्रश्न पर जांच बिठाना भी ठीक नहीं समझा। मतदाता सूची में नाम जोड़ना-काटना यह किसी राजनीतिक दल का काम नहीं है। निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, इसकी जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है। निर्वाचन आयोग हमें वोटर लिस्ट नहीं देता है। हम जब प्रमाण देते हैं तो निर्वाचन आयोग जांच नहीं करवाता है। चीफ इलेक्शन कमिशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो उन्होंने कहा कि वोटिंग के दिन की फुटेज हम आपको कैसे दे दें? मां-बहनें उसमें वोट डाल रही हैं। मतदान के समय की सीसीटीव्ही फुटेज को 45 दिन के अंदर नष्ट करने का स्वतः ही निर्णय लिया है। यह संकेत करता है कि उनकी निष्पक्षता और पारदर्शिता संदेह के दायरे में खड़ी है। हम चाहते हैं चुनाव निष्पक्ष हो। जो 18 साल का है, भारत का नागरिक है, वह मतदान करने का अधिकार रखता है। उसको वंचित नहीं किया जा सकता है।

सचिन पायलट ने कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी से कहना चाहता हूं इस देश में जो इस देश का नागरिक नहीं है, अगर गलत तरीके से वोट डालना चाह रहा है, तो उसको कभी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उसपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हम नहीं चाहते कि भारत वर्ष के अंदर कोई भी घुसपैठिए गैर कानूनी तरीके से आए। लेकिन मेरा एक सवाल है, भारत सरकार जो पिछले कई सालों से दिल्ली में बैठी है, वह बताए कि अपने कार्यकाल में उन्होंने कितने घुसपैठियों को भारत से बाहर निकाला है? जब चुनाव आता है तो घुसपैठ की बात करते हैं। संसद में इसका कोई आंकड़ा नहीं दिया जाता, लोगों को भ्रमित करने का काम किया जा रहा है। इस देश में कोई दलित है, निर्धन है तो क्या वह घुसपैठिया है? सचिन पायलट ने कहा कि आज किसान धान की फसल काट रहे हैं, क्या उनके पास इतना समय है कि वे जाकर दुनियाभर के दस्तावेज इकट्ठा करें। ऐसे ही लोगों के संरक्षण के लिए आज कांग्रेस पार्टी मैदान में खड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ में डीजी कॉन्फ्रेंस है, यहां देश भर के लॉ एंड ऑर्डर पर चर्चा करेंगे। लेकिन छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है इसकी जवाबदेही किसकी है? यहां जहां कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं वहां कितना शोषण हो रहा है? कितने लोगों को तंग किया जा रहा है?महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। रोज चाकू और गोलियां चल रही है। इस पर किसी की कोई जवाबदेही नहीं है। कॉन्फ्रेंस कर यहां से लॉ एंड ऑर्डर का संदेश देना चाहते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य है।

कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव हार रही है के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा कि हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। जनादेश को स्वीकार करना भी लोकतंत्र की एक परंपरा रही है।यह भी सच है कि 15 महीने पहले जब लोकसभा चुनाव हुए तो भाजपा के लोगों का दावा था, कि इस बार 400 पार। लेकिन वे लगभग 240 पर आकर अटक गए। आज लोकसभा में इंडिया अलायंस की संख्या 225 है, जबकि 290 सत्ताधारी पार्टी का है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 15 से 20 सांसदों का ही खेल था। ये बहुत बड़ा अंतर नहीं है। परसेप्शन ऐसा बनाया गया है, कि बहुत बड़े आंकड़ा से जीते हैं।

जब सचिन पायलट से पूछा गया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने कांग्रेस के नेताओं की हत्या कर दी। अब हिड़मा के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद बहुत से ऐसे लोग हैं कि उसके मुठभेड़ काे फर्जी बता रहे हैं। आप क्या कहना चाहेंगे? जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, मुझे आश्चर्य है कि इस मामले में कांग्रेस का स्टैंड पूछा जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के पहले से और पिछले 75 सालों में देश में एकता, अखंडता और संप्रभुता को प्राथमिकता दी है। हमारे देश के नेताओं ने जान देना बेहतर समझा, लेकिन आतंकवाद के सामने कभी झुके नहीं। नक्सलवाद, आतंकवाद, अलगाववाद से मुकाबला करना और हराना ये कांग्रेस पार्टी ने हमेशा किया है। कोई भी व्यक्ति हो हिंसा का सहारा लेता है, उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।। नक्सली हमले में कांग्रेस ने तो छत्तीसगढ़ में अपनी पूरी एक जनरेशन खो दी है। उन्हाेने कहा कि देश राष्ट्र की सुरक्षा सबसे ऊपर है। दल, विचारधारा और नेता बाद में है।

इस दाैरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बड़ा खुलासा किया कि भरतपुर के पूर्व विधायक गुलाब कमरो का नाम उनके ही पैतृक गांव की मतदाता सूची से हटा दिया गया है। महंत ने बताया कि कई बार खोजबीन के बाद उनका नाम रायगढ़ जिले के एक गांव की मतदाता सूची में पाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस के पूर्व विधायक तक चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया से प्रभावित हो सकते हैं, तो आम लोगों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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