गुरुग्राम: विदेश में नौकरी के नाम पर मानव तस्करी व साइबर फ्रॉड में दो आरोपी गिरफ्तार
-हिसार के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गुरुग्राम, 24 नवंबर । विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर मानव तस्करी करने और अवैध तरीके से विदेश भेजकर साइबर फ्रॉड कराने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को काबू किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने सोमवार को बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध थाना मानेसर में केस दर्ज किया गया है। बता दें कि चार दिन पहले भी इसी तरह के मामले में दो आरोपियों को काबू किया गया था।जानकारी के अनुसार 20 नवंबर 2025 को पुलिस थाना साइबर अपराध मानेसर में एक केस दर्ज किया गया। इस केस में शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि थाईलैंड में नौकरी दिलाने को झांसा देकर उसके भाई को थाईलैंड भेजा गया। फिर वहां से म्यांमार ले जाकर साइबर ठगी का कार्य करने का दबाव बनाया गया। उसके भाई द्वारा जब ठगी का कार्य करने के लिए मना किया तो उसे मारने की धमकी दी गई। भारत वापस भेजने के नाम पर चार लाख रुपए वसूलने, लेकिन भारत वापस नहीं भेजा। बाद में म्यामांर सेना द्वारा वहां से भगाने के बाद उसके भाई ने उनके चंगुल से बचने की जानकारी दी। इस मामले में साइबर अपराध थाना मानेसर में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें 22 नवंबर को हिसार से काबू किया गया। आरोपियों की पहचान संदीप (उम्र-24 वर्ष) निवासी गांव हरिता जिला हिसार व मुकुल (उम्र-26 वर्ष) निवासी महावीर कॉलोनी हिसार के रुप में हुई।
आरोपी संदीप 2024 में व मुकुल जून 2025 में गया था म्यांमार
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी संदीप दिसम्बर-2024 में तथा व मुकुल जून-2025 को म्यांमार गया थे। वहां पर वे चाइना मूल के लोगों से मिले और उनके साथ मिलकर साइबर फ्रॉड के काम करने लगे। चाइनीज लोग अवैध तरीके के काम/ठगी के लिए भारत से युवाओं को बुलाते हैं, जिसके बदले ये कमीशन के तौर पर प्रत्येक व्यक्ति के करीब 5/6 हजार थाईवा देते हैं। एजेंट को अलग से कमीशन देते हैं। आरोपी संदीप भी भारत से युवाओं को बुलाकर कमीशन कमाने में संलिप्त हो गया। वह टेलीग्राम व इंस्टाग्राम के माध्यम से भारत में युवाओं से सम्पर्क करता और भारत के युवाओं को थाईलैन्ड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाता। उन्हें अवैध तरीके से थाईलैन्ड से म्यांमार ले जाता। फिर वहां ले जाकर चाईना मूल के लोगों द्वारा संचालित साईबर ठगी के कार्य में भारतीय युवाओं को झोंक देता। जब कोई युवा इसका विरोध करते तो उन्हें ये मारने की धमकी देते तथा वापस भेजने के लिए मोटी रकम वसूलते। संदीप ने पीडि़त को भारत वापस भेजने के बदले उससे चार लाख रुपए वसूल किए थे। ये चार लाख रुपए आरोपी संदीप द्वारा अपने साथी आरोपी मुकुल के बैंक खाते में ट्रान्सफर कराए गए थे। दोनों आरोपियों को 10 नवंबर 2025 को दिल्ली डिपोर्ट किया गया।
चाइना मूल के साथियों से मोटा कमीशन लेते आरोपी
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी मानव तस्करी करने, नौकरी का झांसा देकर साईबर ठगी के लिए युवाओं को विदेश भेजने तथा विदेश ले जाकर उन्हें किसी अन्य देश ले जाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देकर अवैध कार्य कराने की वारदातों को अंजाम देते थे। इसके बदले ये अपने चाइना मूल के साथियों से मोटा कमीशन लेते थे। ये अब तक हरियाणा व राजस्थान के छह युवाओं को इस तरीके से नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजने की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश करके तीन दिन के रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।