मप्र के इंदौर एयरपोर्ट पर सुबह उमड़ रही भीड़, यात्रियों को हो रहीं दिक्कतें
दरअसल, विंटर शेड्यूल लागू होने के बाद सुबह 8 से 10 बजे के बीच पांच घरेलू और एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट इंदौर एयरपोर्ट से उड़ान भरती हैं। इसके चलते टर्मिनल पर करीब 1000 यात्रियों का दबाव रहता है। इस वजह से एंट्री गेट और सिक्योरिटी चेकिंग काउंटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं। इस दौरान एयरपोर्ट पर हालात रेलवे स्टेशन जैसे हो जाते हैं। यहां तीन एंट्री गेट हैं, दो पुरुषों के लिए और एक महिलाओं के लिए। प्रत्येक यात्री को एक-एक कर जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे लंबा इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि सीमित सिक्योरिटी गेट और कम अधिकारियों के कारण जांच प्रक्रिया में 20 से 30 मिनट तक का समय लग रहा है, जिससे कई बार बोर्डिंग में देरी का खतरा भी बना रहता है। हाल ही में एक यात्री ने इस भीड़ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एविएशन मंत्री राममोहन नायडू और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को टैग कर शिकायत की थी।
इस संबंध में एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि पहले इंदौर एयरपोर्ट से रात 10:10 बजे उड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय (इंदौर–शारजाह) फ्लाइट अब सुबह 9:25 बजे उड़ती है। इसके चलते इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया सुबह के समय केवल विदेशी उड़ान के यात्रियों के लिए रिजर्व रहता है। पहले इस क्षेत्र के उपयोग से भीड़ नियंत्रण में रहती थी। शारजाह फ्लाइट के चलते इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया का उपयोग घरेलू यात्रियों के लिए नहीं किया जा सकता। इससे घरेलू यात्रियों को अब केवल डोमेस्टिक डिपार्चर एरिया से गुजरना पड़ता है, जिससे वहां अत्यधिक भीड़ होने लगी है। अधिकारिरयों का कहना है कि अब भीड़ नियंत्रण के लिए ट्रे और स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है।
इंदौर एयरपोर्ट से अब 90 से अधिक उड़ानें प्रतिदिनविंटर शेड्यूल लागू होने के बाद इस बार इंदौर एयरपोर्ट से प्रति दिन आने-जाने वाली उड़ानों की संख्या 90 से अधिक हो गई है। अब औसतन 11,500 यात्री प्रतिदिन फ्लाइट से सफर कर रहे हैं। इसके अलावा, गोवा के लिए दो नई उड़ानों का संचालन भी शुरू किया गया है। पहले यहां से 82 उड़ानें प्रतिदिन संचालित होती थीं और करीब 10,000 यात्री रोजाना यात्रा करते थे।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ यात्री संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। इंदौर–शारजाह के बीच चलने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ान अब सप्ताह के सातों दिन संचालित की जा रही है, जिससे विदेशी यात्रियों को सुविधा मिली है, लेकिन घरेलू यात्रियों के लिए भीड़ की समस्या बढ़ गई है।______________