प्रदेश में डिजास्टर एक्ट लगाकर मुख्यमंत्री सुक्खू बिहार चुनाव प्रचार में कर रहे हैं झूठा प्रचार : जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अपना तीन महीनों का वेतन आपदा प्रभावितों को देने का निर्णय लिया है। इससे प्रभावितों की जो भी यथासंभव मदद हो पाएगी वो करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अपनी प्रशंसा के लिए नहीं बल्कि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए लिया है। उन्होंने उन सभी दानी सज्जनों का आभार भी जताया जिन्होंने आपदा के समय प्रभावितों की दिल खोलकर मदद की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोग और नेता ऐसे हैं जो रोज शाम को सोशल मीडिया पर तफसरा करने बैठ जाते हैं और वहां धरातल की सच्चाई जाने बगैर तथ्यहीन बातें कहने लग जाते हैं। ऐसे लोगों को पहले धरातल की सच्चाई जानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे इकलौते ऐसे नेता हैं जो प्रदेश में आई आपदा में अपने क्षेत्र के अलावा उन सभी क्षेत्रों तक पहुंचे जहां लोगों का नुकसान हुआ है। इसलिए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों को पहले आपदा प्रभावितों के जख्मों को सही ढंग से समझना चाहिए और उसके बाद ही अपनी राय देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने राज्य में चुनाव का सामना करने का साहस नहीं है और बिहार जाकर अपनी झूठ की दुकान सजाकर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश आकर यहां की मातृ शक्ति से माफ़ी मांगे और ऐसा झूठा प्रचार करने से बाज आएं। उन्होंने कहा कि पटना में मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हमने हिमाचल में सभी महिलाओं को चुनावी वायदे के मुताबिक 1500 रुपए प्रति महिला देना शुरू कर दिया है और एक आंकड़ा जारी कर कहा कि दो लाख 87 हज़ार महिलाओं को ये मासिक पेंशन दे दी है जबकि ये पूरी तरह झूठ है। मुख्यमंत्री झूठा प्रचार कर बिहार की जनता को प्रलोभन देना चाहते हैं जिसके लिए उन्हें कांग्रेस पार्टी ने दबाव बनाया है जबकि जनता सब जानती है कि उन्होंने झूठ बोलकर हिमाचल में सत्ता हथियाई है और अब बिहार जाकर जनादेश चुराने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें वे कभी सफल नहीं होने वाले हैं।