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Jharkhand

चेंबर ने स्वास्थ्य मंत्री से की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की मांग

चेंबर ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय होने के बावजूद चाईबासा में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बेहद दयनीय है। उचित चिकित्सा सुविधा के अभाव में कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। इससे अकाल मृत्यु के मामले बढ़ रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में सामने आए थैलेसीमिया पीड़ित सात बच्चों में एचआईवी संक्रमण के मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि रक्त अधिकोष (ब्लड बैंक) में नियमित लैब जांच और सीरोलॉजी टेस्ट की अनुपस्थिति स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है। साथ ही, सदर अस्पताल भवन से एक मरीज के गिरकर मृत्यु हो जाने की घटना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

चेंबर ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की अनुपलब्धता, विशेष रूप से हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी, मरीजों के लिए जीवनघातक सिद्ध हो रही है। उन्हें अक्सर रांची या जमशेदपुर रेफर करना पड़ता है, जहां तक पहुंचने से पहले कई मरीजों की मौत हो जाती है। इसके अलावा लैब तकनीशियन की कमी, डायलिसिस सुविधा का अभाव, मलेरिया जैसी बीमारियों के नियंत्रण में ढिलाई, फॉगिंग और दवा छिड़काव की अनियमितता जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।

चेंबर प्रमुख मांगें

-चाईबासा में 100 बेड का आधुनिक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल शीघ्र स्थापित किया जाए।

– सदर अस्पताल में हृदय, किडनी, न्यूरो एवं हड्डी रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाए।

-अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

-आईसीयू, ओटी, एक्स-रे और प्रयोगशालाओं में पर्याप्त तकनीशियनों की नियुक्ति की जाए।

-नवजात शिशुओं के टीकाकरण की नियमित और निशुल्क व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में की जाए।

मौके पर मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार चाईबासा की स्वास्थ्य समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर रही है और आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

प्रतिनिधिमंडल में निवर्तमान अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल, उपाध्यक्ष दुर्गेश खत्री, संयुक्त सचिव गोविंदा खेतान और विवेक सिन्हा शामिल थे।

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