आरएसएस के कार्यक्रम में हंगामे को लेकर एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष सहित 9 आरोपितों को जमानत नहीं
जमानत अर्जी में कहा गया कि पुलिस ने विधि के आज्ञापक प्रावधानों की अवहेलना करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर आरोपित बनाया है। मामले में एक तरफ तो उन्हें घटना के समय शांतिभंग और अपराध किए जाने की संभावना के आधार पर गिरफ्तार किया गया, वहीं दूसरी तरफ गंभीर धाराओं में अपराध करना मानते हुए उन्हें उसी घटनाक्रम में गिरफ्तार किया गया। ऐसे में एक ही घटना की दो रिपोर्ट बनाना कानूनी रूप से स्वीकार नहीं है। इसके अलावा गिरफ्तारी से पूर्व धारा 41 के प्रावधानों की पालना नहीं की गई। इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने जमानत अर्जी खारिज करने की गुहार की। दोनों पक्षों की बहस सुनकर अदालत में आरोपितों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।