आतंकवाद जैसी बुराई को समाप्त करने के लिए राम जैसी शक्ति और संकल्प की आवश्यकता : मधु कोड़ा
मौके पर रावण दहन कर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि दशहरा हमें यह संदेश देता है कि असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की ही विजय होती है। उन्होंने कहा कि अगर आज के समय में रावण की मानसिकता को देखा जाए, तो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद उसका सबसे बड़ा उदाहरण है। पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों में निर्दोषों की जान लेने वाले आतंकी उसी रावण के प्रतीक हैं, जिनका अंत निश्चित है।
कोड़ा ने कहा कि जैसे राम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की थी, वैसे ही आज भी आतंकवाद जैसी बुराई को समाप्त करने के लिए राम जैसी शक्ति और संकल्प की आवश्यकता है। जब-जब दुनिया में पाप बढ़ेगा, तब-तब राम जैसे महापुरुष जन्म लेंगे और रावण जैसी मानसिकता का अंत होगा।
पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि विजयदशमी का यह पर्व समाज को प्रेम, भाईचारे और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रावण दहन सिर्फ प्रतीक नहीं, बल्कि यह विश्वास दिलाता है कि आतंकवाद और नफरत जैसी बुराइयों का अंत भी निश्चित है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मधु कोड़ा ने दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि लगातार भव्य आयोजन समिति की सेवा भावना और संकल्प का परिणाम है।