हिसार : वेद मार्ग पर चलकर ही जिया जा सकता सुखी जीवन : आचार्य सत्यव्रत
हिसार, 21 सितंबर । गुरुकुल आर्य नगर में दो दिवसीय यज्ञ महोत्सव बड़े
ही धूमधाम से मनाया गया। इस दो दिवसीय यज्ञ में समाजसेवी विजय कौशिक मुख्य अतिथि के
रूप में उपस्थित हुए तथा अध्यक्षता संरक्षक राजकुमार आर्य काठमंडी ने की। यज्ञ के आयोजक
व व्यवस्थापक गुरुकुल के कार्यकारी प्रधान रामकुमार आर्य रहे।
मुख्य अतिथि विजय कौशिक ने रविवार काे गुरुकुल की शिक्षा व व्यवस्था प्रशंसा की। उन्होंने
कहा कि वर्तमान समय में तो यज्ञ करना और भी महत्वपूर्ण है। यज्ञ से न केवल भगवान प्रसन्न
होते हैं बल्कि यह हमारे वातवारण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और इसे शुद्ध
करता है। इसलिए सभी को यज्ञ अवश्य करना चाहिए।
संरक्षक राजकुमार आर्य ने बताया कि गुरुकुल गुरुकुल आर्य नगर हिसार का सबसे
पुराना गुरुकुल है जिसकी स्थापना 13 अप्रैल 1964 में स्थापना हुई थी। यहां से शिक्षा
ग्रहण करने के बाद बच्चे ऊंचे-ऊंचे पदों पर आसीन हुए हैं जिसमें से अनेक राजनेता, अधिकारी,
समाजसेवी व आध्यात्मिक संन्यासी बने हैं।
प्रधान रामकुमार आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुकुल द्वारा यज्ञ करने
की परंपरा लगातार कई वर्षों से शुरू की हुई है। उसी कड़ी में इस वर्ष इस यज्ञ में
2 टीन घी तथा अनेक जड़ी बुटियों से तैयार की गई शुद्ध हवन सामग्री से पूरा वातावरण
सुगंधित व पवित्र हुआ है।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य सत्यव्रत ने यज्ञ में पधारे सभी यजमानों से कहा कि
वेद मार्ग पर चलकर ही सुखी जीवन जिया जा सकता है तथा पूरे ब्रह्माण्ड के कण-कण में
विद्यमान उस परमपिता परमात्मा की प्राप्ति हेतु हमें प्रतिदिन यज्ञ व संध्या उपासना
करनी चाहिए। हमारी भारत भूमि यज्ञों की भूमि रही है यहां राजा-महाराजा बहुत बड़े-बड़े
यज्ञ करते थे। उन्होंने कहा कि विश्व का सबसे श्रेष्ठ कर्म यज्ञ है।
इस अवसर पर जगन्नाथ पूर्व एचपीएससी, गुरुकुल के कुलपति आचार्य राम स्वरूप शास्त्री,
मान सिंह पाठक, महामंत्री लाल बहादुर खोवाल एडवोकेट, मुख्य यजमान विजय कौशिक, संरक्षक
राजकुमार आर्य, प्रधान रामकुमार आर्य, ब्र. दीप कुमार आर्य, धर्मराज गर्ग, ऋतुराज गर्ग,
महेंद्र लक्ष्य स्कूल धांसू, रजत आर्य, पंकज रावलवासिया, कर्नल ओमप्रकाश, देवदत्त शास्त्री,
प्रसिद्ध समाज सेवी नागरमल गुरी, मुनिराम आर्य, ईश आर्य, चेतन प्रकाश, दिलबाग, ओमप्रकाश
बगला, रमेश रिटायर्ड प्राचार्य, महेंद्रपाल, सुभाष, सुनील गंगवा, जितेंद्र पाइप फैक्ट्री,
निखिल गर्ग, सूर्य देव शास्त्री, प्रवीण गोगिया, गणेश शास्त्री व गुरुकुल के समस्त
गुरुजन व ब्रह्मचारीगण उपस्थित रहे।