बलरामपुर : रामानुजगंज थाने से सेवानिवृत्त एएसआई को तीनों बेटों ने किया बेदखल
शिवदयाल ने बताया कि उन्होंने जीवन भर अपने बच्चों की खुशियों के लिए सब कुछ किया। आज उनके बेटों के पास धन की कोई कमी नहीं है। फिर भी वे अपने पिता की सेवा नहीं कर रहे हैं।
31 जनवरी 1997 को पुलिस सेवा से रिटायर हुए शिवदयाल की स्थिति समाज में बढ़ती बुजुर्गों की उपेक्षा की ओर इशारा करती है। जहां पहले बुजुर्गों की सेवा को कर्तव्य माना जाता था, वहीं आज उनकी अनदेखी की जा रही है।