जयंती पर याद किए गए पं. गोविन्द वल्लभ पंत
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर वक्ता एवं समाज सुधारक थे, जिनकी आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उधर एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने भी कार्यालय में स्व. पंत जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जिलाधिकारी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और विधि की डिग्री हासिल की तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीति में सक्रिय हो गए थे तथा गोपाल कृष्ण गोखले जैसे नेताओं से प्रभावित हुए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंत जी के आधुनिक भारत के सपने को साकार करने के लिए सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा एवं ईमानदारी से करना है तथा समाज के अंतिम छोर में निवासरत व्यक्तियों तक सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस दिशा में सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। जिससे की प्रदेश एवं जनपद विकास एवं प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके।
जनपद में सभी कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित कर पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए तथा उनके जीवन वृतांत पर प्रकाश डाला गया। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
आयोजित कार्यक्रम में मुख्य नगर अधिकारी नगर निगम नंद कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त दीपेंद्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पीआर चौहान, नगर मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, मुख्य वैयक्तिक अधिकारी सुदेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।