वाणिज्यिक वादों में पूर्व—विवाद मध्यस्थता पर अधिवक्ता परिषद जयपुर प्रांत का स्टडी सर्किल
उन्होने सुझाव दिया गया कि सिविल प्रक्रिया संहिता में कुछ परिवर्तन आवश्यक हैं ताकि यह प्रावधान प्रभावी बना सके। कैस मैनेजमेंट व्यवस्था को अनिवार्य कर समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए। अधिनियम और सीपीसी में तालमेल से पारदर्शिता और व्यवहारिकता दोनों सुनिश्चित हो सकती हैं।
कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष सोनिया शांडिल्य ने जबकि कार्यकारिणी सदस्य सुरभि अग्रवाल ने अधिवक्ता परिषद का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। अंत में इकाई अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन और महामंत्री धर्मेंद्र बराला ने वरिष्ठ अधिवक्ता अग्रवाल को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उपस्थित अधिवक्ता बंधुओ का धन्यवाद ज्ञापित किया। क्षेत्रीय मंत्री कमल परसवाल, प्रांत महामंत्री अभिषेक सिंह,प्रांत उपाध्यक्ष सुतिक्ष्ण भारद्वाज सहित जिला न्यायालय इकाई के अधिवक्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।