क्षमा मांगने वाला कमजोर नहीं, सबसे बड़ा होता है -धनेश जैन
इस अवसर पर सांगानेर श्रमण संस्कृति संस्थान से पधारे विद्वान अभनीश शास्त्री ने उत्तम क्षमा धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशलक्षण महापर्व आत्मा के धर्म है। हमें यह धर्म आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष धनेश जैन ने बताया कि यह सभी आत्मा के धर्म है। दस लक्षण महापर्व में त्याग संकल्प और आराधना पर विशेष जोर दिया जाता है तथा 10 दिनों में उपवास किए जाते हैं। शाम को मन्दिर जी में विशेष आरती प्रवचन, धार्मिक कार्य क्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर पुरानी सब्जी मंडी स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, धर्मशाला स्थित श्री मुनिसुब्रतनाथ जिनालय,चैत्यालय को भव्यता पूर्वक सजाया गया है। दस लक्षण महापर्व के आयोजन परम पूज्य पंडित अवनीष भैया जैन शास्त्री सांगानेर, के सानिध्य में सम्पन्न हो रहे हैं। इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष धनेश जैन,महामंत्री अमित जैन सोनू, सह मंत्री कृष्ण मोहन जैन, कोषाध्यक्ष पवन कुमार जैन तथा धर्मशाला अध्यक्ष पवन कुमार जैन,सतीश चन्द्र जैन,संजय जैन एवं सुबोध कुमार जैन सहित जैन समाज के अन्य पदाधिकारी तथा प्रबुद्वजन मौजूद रहे।