समर कैंप प्रशिक्षकों के इंटरव्यू 5 मई से, जवाहर कला केंद्र में तैयारियों का ज़ोरदार आगाज़!
जवाहर कला केन्द्र की तरफ से मई महीने में जूनियर समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियों में जोर-शोर से काम चल रहा है। इस कैंप के जरिए बच्चों को रंगमंच, साहित्य, दृश्य कला और संगीत जैसी विविध विधाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। केन्द्र ने इस संबंध में प्रशिक्षकों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। अब चयनित प्रशिक्षकों का साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा, जो सोमवार से शुरू हो रहा है।
प्रशिक्षकों के साक्षात्कार का कार्यक्रम प्रात: 11 बजे से शाम 6 बजे तक केन्द्र के कॉन्फ्रेंस रूम में होगा। 5 मई को दृश्य कला और साहित्य विधाओं के प्रशिक्षकों के साक्षात्कार लिए जाएंगे। इसके बाद, 6 और 7 मई को रंगमंच विधा के प्रशिक्षकों का चयन किया जाएगा। वहीं, 8 मई को संगीत और नृत्य विधाओं से संबंधित प्रशिक्षकों के साक्षात्कार भी होंगे। साक्षात्कार के बाद, चयनित प्रशिक्षकों का फैसला एक समिति द्वारा लिया जाएगा, जिसका निर्णय अंतिम और मान्य होगा।
इस समर कैंप में विभिन्न प्रकार की विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें गीत, बांसुरी, तबला, सिंथेसाइज़र/पियानो, राजस्थानी लोक नृत्य, कथक, समसामयिक नृत्य, नाट्य कला, कठपुतली मेकिंग और संचालन, फड़ मेकिंग, फोटोग्राफी, प्रिंट मेकिंग, पोट्रेट, विजुअल स्टोरी टेलिंग, स्टोरी ट्री, ब्लॉग राइटिंग, कैलीग्राफी और कैरिकेचर जैसी विधाएं शामिल हैं।
यह कैंप बच्चों के लिए एक शानदार अवसर प्रदान करेगा, जहां वे अपनी रुचियों और प्रतिभाओं को विकसित कर सकेंगे। रंगमंच और संगीत जैसी कलाओं में गहरी रुचि रखने वाले बच्चों के लिए यह एक मंच होगा, जहां वे सीखने और अपने न Skills को और बेहतर करने का अवसर प्राप्त करेंगे। इस तरह के समर कैंप न केवल बच्चों की रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि उनके सामाजिक कौशल को भी विकसित करते हैं।
कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक ऐसा आयोजन जिसे बच्चों के लिए बहुत मायने रखता है, जवाहर कला केन्द्र इस कार्य को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ अंजाम दे रहा है। इस अवसर पर प्रशिक्षकों के चयन की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र ने आवश्यक कदम उठाए हैं। आशा की जा रही है कि यह कैंप बच्चों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा और उनकी कलात्मक क्षमताओं को बखूबी निखारेगा।