सिरसा: 72 घंटे में फसल भुगतान के सरकारी दावे खोखले: औलख
सिरसा: 72 घंटे में फसल भुगतान के सरकारी दावे खोखले: औलख
सिरसा, 25 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय किसान एकता के प्रधान लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि हरियाणा में गेहूं व सरसों की फसलों का उठान न होने की वजह से किसानों को उनकी फसल का भुगतान नहीं हो पा रहा है। औलख शुक्रवार को सिरसा में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
किसान नेता ने कहा कि हरियाणा में 24 अप्रैल तक 3 करोड़ 64 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जिसमें से 3 करोड़ 42 लाख क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है, जो लगभग साढ़े 51.50 प्रतिशत बनता है। सिरसा जिला में गेहूं के उठान के और भी बुरे हालात हैं। 24 अप्रैल तक सिर्फ 38.5 प्रतिशत गेहूं का उठान हुआ है, जबकि लगभग 68 लाख क्विंटल गेहूं आया था, जिसमें से 24 लाख क्विंटल गेहूं ही उठाया गया है। सिरसा जिला में 2 लाख 43 हजार क्विंटल सरसों की लिफ्टिंग भी अभी पेंडिंग है। जब तक सरकारी खरीद एजेंसियां मंडियों से गेहूं का उठान नहीं करती हैं तब तक किसान की खातों में पेमेंट नहीं डाली जाती है जिसकी वजह से हरियाणा के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उठान न होने से मंडियां फसलों से अटी पड़ी हैं और किसानों को फसल उतारने के लिए जगह तक नहीं मिल पा रही है।
लखविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की है कि मंडियों से गेहूं व सरसों की लिफ्टिंग करवाकर किसानों को उनकी फसल का भुगतान तुरंत करवाया जाए।
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