दुर्गा एनक्लेव में खौफ: आवारा कुत्तों के कारण बाहर निकलने से डर!
जालंधर के आदमपुर क्षेत्र में राजनीतिक दलों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा ने यहाँ की विकास गतिविधियों और स्थानीय समस्याओं के प्रति लोगों की चिंताओं को उजागर किया है। कांग्रेस और अक्षाली दल इस क्षेत्र में लंबे समय से चुनाव जीतते आ रहे हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) का अभी तक कोई खाता नहीं खुला है। अब जबकि राज्य सरकार के तीन साल पूरे हो चुके हैं, अधूरे प्रोजेक्टों पर चर्चा जोरों पर है। उल्लेखनीय है कि आदमपुर एयरपोर्ट रोड और मुख्य बाजार में बन रहे फ्लाईओवर अभी तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं। इनमें देरी के चलते स्थानीय निवासी बिस्त दोआब नगर के संकरी पुल पर लगने वाले यातायात जाम का सामना कर रहे हैं, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय जनता नया कॉलेज न बनने से भी आहत है।
आदमपुर के विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार आदमपुर को नजरअंदाज कर रही है। हालांकि, सत्तारूढ़ पक्ष के नेता, पवन टीनू का कहना है कि सड़कें जल्द बनेंगी और सरकार विकास कार्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है। वैसे, जालंधर के दुर्गा एनक्लेव के निवासियों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहां की बंद स्ट्रीट लाइटों और बढ़ते आवारा कुत्तों की मौजूदगी ने लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। हाल ही में एक घटना में कुत्तों ने एक बच्चे पर हमला किया, जिससे क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है।
निवासियों ने समस्या को हल करने की मांग प्रशासन से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पीड़ित बच्चे की मां, नेहा ने कहा कि उन्होंने तीन साल से इस इलाके में रहने के बावजूद कुत्तों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी है। इलाके में खेलकूद करने वाले बच्चे अब खुले में खेलने से कतराने लगे हैं। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि जिस क्षेत्र में कुत्तों की शिकायत मिलती है, वहां टीम भेजी जा रही है और कुत्तों की नसबंदी का कार्य भी चल रहा है।
विधायक कोटली ने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मान के सामने इलाके में सड़क निर्माण की बात रखी है। उन्होंने कहा कि आदमपुर में आवश्यक विकास योजनाओं की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इसी क्रम में, टीनू ने कहा कि धरने-प्रदर्शनों की राजनीति विकास के लिए सही नहीं है। उनके अनुसार, विधायक कोटली को अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए और उन्हें अपने क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के बारे में बताना चाहिए।
इससे स्पष्ट है कि आदमपुर क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के विकास और सुरक्षा को लेकर कई गंभीर मुद्दे बने हुए हैं। सरकारी योजनाएँ अधूरी रह गई हैं और नागरिकों की आवश्यकताओं की अनदेखी की जा रही है। सरकार को अब इन समस्याओं का समाधान करने में तत्परता दिखानी होगी, ताकि जनता की भलाई सुनिश्चित हो सके और स्थानीय विकास को गति मिल सके।