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प्रोफेसर वकील बन हाईकोर्ट पहुंचा: FIR होते ही प्रयागराज भागा, साथी ने खोला राज!

हाथरस में यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर रजनीश कुमार का मामला दिन-प्रतिदिन जटिल होता जा रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए रजनीश ने वकील की यूनिफॉर्म पहनकर प्रयागराज में वकीलों से मिलता रहा। उसने इस दौरान चार वकीलों से संपर्क किया, जिनमें से तीन ने उसे बताया कि उसे जमानत नहीं मिलेगी। हालांकि, एक वकील ने उसके लिए स्टे का आश्वासन दिया। गिरफ्तारी से बचने के चलते रजनीश ने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली और प्रयागराज में होटल तथा गेस्ट हाउस बदल-बदलकर रुक रहा था। 13 मार्च को उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद वह तुरंत फरार हो गया और अपनी पत्नी को भी प्रयागराज बुला लिया।

प्रोफेसर रजनीश ने प्रयागराज जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं किया, बल्कि अपनी कार का सहारा लिया। उसे उम्मीद थी कि हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लग जाएगा। इसलिए वह छह दिनों तक प्रयागराज में छिपा रहा। इस दौरान उसने अपने मोबाइल को बन्द रखा, लेकिन एक सहकर्मी के संपर्क में रहा, जिसने बाद में उसकी लोकेशन को पुलिस तक पहुँचाने में मदद की। हाथरस के एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने रजनीश की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई थीं, जिन्होंने उसके पहचानियों से पूछताछ की और उनकी मदद से रजनीश का पता लगाया।

18 मार्च को, रजनीश जब वकील के साथ हाईकोर्ट में मौजूद था, तब पुलिस बाहर ही उसकी गिरफ्तारी के लिए तैनात थी। हालांकि, वकील के साथ होने के कारण पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। लेकिन बुधवार रात को जब रजनीश होटल लौट रहा था, तब उसे हाथरस पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र में पकड़ लिया। एसपी ने बताया कि प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी पत्नी अभी तक सामने नहीं आई है। रजनीश को जेल भेज दिया गया है, और कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि उसे सस्पेंड कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई पर विचार चल रहा है।

प्रोफेसर रजनीश ने अपनी गुनाहों को स्वीकार करते हुए कहा कि पहले उसने 1996 में शादी की, लेकिन बाद में तलाक ले लिया। उसने तब से कॉलेज की कर्मचारी और छात्राओं का यौन शोषण करना शुरू किया। वह नए-नए सॉफ्टवेयर का उपयोग कर वीडियो रिकॉर्डिंग करता था, जिसके जरिए वह बाद में उन लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि प्रोफेसर के लैपटॉप और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की जाएगी ताकि और भी सबूत मिल सकें।

यह मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने महिला आयोग को पत्र लिखा, जिसमें उसने प्रोफेसर रजनीश पर कई छात्राओं के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया। छात्रा के पत्र ने जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंततः पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। गाँव के लोग भी रजनीश के चरित्र को संदिग्ध मानते हैं और उनकी शिकायतें पहले भी सुनने में आई थीं। अब, छात्राओं के साथ हुए शोषण के मामले ने रजनीश कुमार को एक नए प्राधिकरण के दायरे में ला दिया है। मामला गंभीर होने के कारण कॉलेज प्रशासन जल्द ही और कड़ी कार्रवाई करेगा।

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