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लखनऊ, कानपुर, आगरा को मेट्रो की सौगात: 28 नए कॉरिडोर, हर 850 मीटर पर स्टेशन!

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने नए वित्तीय वर्ष में मेट्रो सेवाओं के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। इस योजना के अनुसार, कानपुर, लखनऊ और आगरा में कुल मिलाकर 303 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का विकास किया जाएगा। इसके तहत 28 नए कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें कानपुर में 7 तथा लखनऊ और आगरा में क्रमशः 9 और 11 नए कॉरिडोर शामिल हैं। इन कॉरिडोर की कुल लंबाई कानपुर में 74.9 किमी, लखनऊ में 139.4 किमी और आगरा में 88.9 किमी होगी। इस प्रकार, तीनों शहरों में मेट्रो सेवाएं और अधिक विकसित करने का कार्य प्रारंभ होगा, जिससे शहरों की यातायात समस्या हल होने की उम्मीद है।

UPMRC ने इस परियोजना का प्रस्ताव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को भेजा है, जिसका उद्देश्य भारत के विकास लक्ष्य, विशेषकर 2047 के संदर्भ में है। शासन ने सभी संबंधित विभागों को मेट्रो के विस्तार पर कार्य योजना बनाने के लिए निर्देशित किया है। यूरोपीय देशों के मॉडल के अनुसार 850 मीटर की पैदल दूरी पर मेट्रो स्टेशनों का निर्माण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। यह योजना यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, ताकि अधिकतम लोग मेट्रो का लाभ उठा सकें।

मेट्रो निर्माण में समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, UPMRC ने अंडरग्राउंड स्टेशनों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। भारी ट्रैफिक, नए फ्लाईओवरों के निर्माण, और अन्य विकास गतिविधियों के कारण, एलिवेटेड मेट्रो लाइन का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए, अंडरग्राउंड मेट्रो नेटवर्क की दिशा में अधिक जोर दिया जा रहा है। जैसे ही सरकार से मंजूरी मिलती है, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।

कानपुर में, आईआईटी से नौबस्ता तक 23.8 किमी लंबी पहली मेट्रो लाइन तथा सीएसए से बर्रा-8 तक 8.4 किमी की दूसरी मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य जारी है। इसी तरह, लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का भूमिगत निर्माण कार्य शुरू हो गया है। आगरा में भी मेट्रो का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिसमें एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक मेट्रो सेवा प्रारंभ हो चुकी है। आगरा मेट्रो परियोजना के अंतर्गत दो कॉरिडोर होंगे, जिनकी कुल लंबाई 29.4 किमी होगी, जिसमें पहले कॉरिडोर में 13 और दूसरे कॉरिडोर में 14 स्टेशन शामिल हैं। अनुमान है कि 2025 तक आगरा के 10 स्टेशनों पर मेट्रो सेवा प्रारंभ हो जाएगी।

इस प्रकार, यूपी के तीन शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार न केवल स्थानीय परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। आगामी वर्षों में इस परियोजना के पूर्ण होने पर, इन शहरों में यातायात की भीड़-भाड़ में कमी आनी अपेक्षित है, जिससे लोगों की दैनिक यात्रा और भी सरल हो जाएगी। UPMRC इस परियोजना के माध्यम से एक समृद्ध और सुव्यवस्थित शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में अग्रसर है।

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