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जयपुर: कॉलेज प्रिंसिपल छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार, वॉशरूम में कैमरा लगाने का आरोप!

जयपुर में पॉलिटेक्निक महिला कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल सैयद मश्कूर अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ कॉलेज की छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें देहशोषण और अश्लील हरकतें शामिल हैं। यह मामला तब सामने आया जब 3 फरवरी को छात्राओं और कॉलेज के स्टाफ ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव को एक शिकायत प्रस्तुत की। इसके परिणामस्वरूप, आरोपी को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, सैयद मश्कूर अली ने इस मामले में पुनः जांच की मांग की थी, जिसके बाद 10 मार्च को एक जांच टीम कॉलेज पहुंची। वहाँ छात्राओं ने इस मामले को लेकर अपना विरोध प्रकट किया।

डीसीपी ईस्ट, तेजस्विनी गौतम ने बताया कि छात्राओं द्वारा दी गई शिकायत पर कार्रवाई की गई थी। प्रताप नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। जब जांच में आरोपों की पुष्टि हुई, तो 11 मार्च को आरोपी को हिरासत में लिया गया। हाल ही में, छात्राओं ने कोर्ट में अपने बयान दिए, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सैयद मश्कूर अली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता था और उनसे संपर्क करने के प्रयास में आपत्तिजनक मैसेज भी करता था। छात्राएं इस व्यवहार से अत्यंत परेशान थीं।

छात्राओं ने अपने आरोपों में स्पष्ट किया कि प्रिंसिपल ने कॉलेज के भीतर कई बार अश्लील हरकतें कीं। वह कॉलेज की लाइब्रेरी के एक ऐसे कोने में छिपकर बैठा रहता था, जहां सीसीटीवी का कवरेज नहीं होता था। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए वह छात्राओं पर अत्याचार करता था। इसके अतिरिक्त, वह छात्राओं के व्यक्तिगत वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल होकर अश्लील सामग्री साझा करता था। आरोप लगाया गया है कि उसने छात्राओं को बड़े लोगों से मिलवाने का झांसा देकर अपनी कार में ले जाकर गलत हरकतें कीं और इसके लिए महिला हॉस्टल की वार्डन और उनके परिजनों की अनुमति भी नहीं ली।

छात्राओं ने चेतावनी दी कि कॉलेज के बंद होने के बाद भी आरोपी पार्किंग में उनसे बातचीत करता था। इसके अलावा, वह क्लास में निरीक्षण के नाम पर पहले से ही छात्राओं और महिला स्टाफ को धमकाता था। फिर, वह उन्हें अपने कमरे में बुलाकर आपत्ति जनक बातें करता था। पिछले साल हुए एनुअल फंक्शन के दौरान, उसने ड्रेसिंग रूम में सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे और फिर बाद में उन कैमरों को चालू करवाने के बाद छात्राओं की तस्वीरें लेने के बाद उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप पर साझा करने की धमकी दी।

इस मामले में यदि जांच के दौरान वॉशरूम में कैमरा रखने का आरोप सही साबित होता है, तो आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत भी धाराएं जोड़ी जाएगी। यह घटना और इससे जुड़े आरोप कॉलेज में एक गंभीर चर्चा का विषय बन गए हैं और यह मामले संबंधित अधिकारियों के ध्यान में लाए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें। घटनाओं की सच्चाई सामने लाने के लिए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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