हर वार्ड में 1.5 करोड़ के विकास कार्य होंगे, हाउस मीटिंग में लगेगी मुहर!
लुधियाना में नगर निगम के मेयर इंद्रजीत कौर ने हाल ही में जोन बी में एक औचक छापेमारी की, जिसमें उन्हें अनियमितताओं का पता चला। इस दौरान मेयर ने निगम के मुख्य गेट को बंद करवा दिया ताकि उन्हें ठीक से निरीक्षण करने का अवसर मिल सके। उनका ध्यान तब गया जब उन्होंने देखा कि सुविधा केंद्रों के कर्मचारी समय पर अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। उन्होंने स्टाफ के नाम लेकर उनसे पूछताछ की, जिसके परिणामस्वरूप कुछ कर्मचारी, जो सुबह 9:30 बजे तक उपस्थित नहीं हुए थे, तुरंत अपनी ड्यूटी पर पहुंचे।
इस छापेमारी में मेयर ने पाया कि सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एक्सईएन और अन्य 24 कर्मचारी और अधिकारी अनुपस्थित थे। मेयर ने संबंधित सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, यह चेतावनी देते हुए कि यदि वे अपनी लापरवाही को सुधारने में विफल रहते हैं, तो उन पर पेनल्टी लगाने और सस्पेंशन की कार्रवाई की जाएगी। यह कदम नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार करने और सेवाओं की गुणवत्ता को ऊँचा उठाने के लिए उठाया गया है।
नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए एक बड़ा विकास बजट रखा है, जिसमें प्रत्येक वार्ड में 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। मेयर इंद्रजीत कौर ने बताया कि होली के आस-पास होने वाली हाउस की बैठक में इस बजट पर मोहर लगने की संभावना है। इस बैठक में विभिन्न विभागों से मिली रिपोर्ट्स के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम ने 940 करोड़ रुपये के बजट का खाका तैयार किया है, जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर सप्लाई, जीएसटी, और अन्य स्रोतों से होने वाली आय का विस्तृत विवरण दिया गया है।
उधर, नगर निगम चुनाव के बाद पार्षदों में हाउस की मीटिंग को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। नेतागण इसे आवश्यक मानते हैं ताकि विकास कार्यों की गति को आगे बढ़ाया जा सके। नेता विपक्ष श्याम सुंदर मल्होत्रा ने कहा कि जानबूझकर हाउस मीटिंग में देरी की जा रही है, जिससे पार्षद अपनी योजनाओं को लागू नहीं कर पा रहे हैं।
मेयर इंद्रजीत कौर ने जोन बी में सफाई व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने वॉशरूमों और कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति को गंभीरता से लिया और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहें। वॉशरूम से आती दुर्गंध और अन्य साफ-सफाई की खामियों पर उन्होंने तत्काल सुधार की आवश्यकता जताई। सांसदों ने भी इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि निगम को जनता की आवश्यकताओं का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नगर निगम की कार्यशैली को प्रभावी बनाना और शहर के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाना है। मेयर का यह कदम नगर निगम की पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।