महाकुंभ में नहाती महिलाओं का वीडियो: आरोपी टीचर चंद्रप्रकाश ने बनाई विवादित क्लिप! पत्नी का चौंकाने वाला बयान
महाकुंभ के दौरान संगम स्नान करती महिलाओं के वीडियो को इंटरनेट पर बेचने के मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इस मामले में प्रयागराज के यूट्यूबर चंद्रप्रकाश फूलचंद सहित अन्य यूट्यूबर्स की संलिप्तता का आरोप है। पुलिस की जांच से खुलासा हुआ है कि वीडियो बनाने के लिए यूट्यूबर्स ने युवतियों और महिलाओं की सहायता ली थी। संगम, नोज और अन्य घाटों पर महिलाओं को वीडियो शूट करने के लिए भर्ती किया गया, जिससे आपत्तिजनक वीडियो का निर्माण किया गया। अब क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीमें उन महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं, जो इस अनैतिक गतिविधि में शामिल थीं। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण सूचनाएँ दी हैं और अन्य संदिग्ध यूट्यूबर्स के नाम भी बताए हैं।
दैनिक भास्कर की टीम ने चंद्रप्रकाश फूलचंद के गांव जाकर उस पर की गई जांच की। चंद्रप्रकाश यमुनापार के मांडा क्षेत्र के महुआव कला (भींस) गांव का निवासी है। उसके पिता फूलचंद एक किसान हैं और चंद्रप्रकाश की शादी तीन साल पहले मांडा के आंचल से हुई थी, जिनका एक छह महीने का बेटा भी है। जब भास्कर की टीम ने परिवार से संपर्क किया, तो परिवार के सदस्य सवालों के प्रति आक्रामक हो गए और बातचीत से बचने लगे। चंद्रप्रकाश की माँ, निर्मला देवी, अपनी आँखों में आँसू लेकर कहने लगीं कि उनका बेटा रिश्तेदारी में गया था और वहाँ से पुलिस ने उसे उठा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बिना किसी सूचना के जबरदस्ती ले जाया।
गाँव के कुछ निवासियों का कहना है कि चंद्रप्रकाश हमेशा सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करता था। चंद्रप्रकाश ने हाल ही में अपना मकान पक्का कर लिया था। उसके चाचा ने कहा कि चंद्रप्रकाश ने पढ़ाई की है और अच्छी नौकरी की तलाश में लगा था। गिरफ्तारी के बाद ही परिवार को इस अनैतिक कार्यों की जानकारी हुई। दिलचस्प बात यह है कि चंद्रप्रकाश सीधे उन हैकर्स से जुड़ा था जिन्होंने अस्पतालों के सीसीटीवी कैमरों को हैक किया था। इन हैकर्स ने अस्पतालों में महिलाओं के चेकअप वीडियो को चोरी कर लिया और इन्हें यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिया।
गुजरात पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें 3000 से अधिक क्लिप बरामद की गईं। अब प्राथमिक जांच से पता चला है कि चंद्रप्रकाश ने महाकुंभ से जुड़ी वीडियो क्लिप्स को अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड करके अपने चैनल पर अपलोड किया है। प्रयागराज के चंद्रप्रकाश के दो यूट्यूब चैनल हैं, जिनमें से एक ‘CP Monda’ नाम से है। इस चैनल पर पहले से ही कई सांस्कृतिक और विवादित वीडियो अपलोड किए गए हैं। इसके खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
इस मामले की गंभीरता को लेकर डीआईजी वैभव कृष्ण ने जानकारी दी है कि महाकुंभ के वीडियो बनाने के आरोप में गहन जांच चल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात पुलिस ने पहले इस मामले में प्रयागराज पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया था, लेकिन गिरफ्तारी के बाद सारी जानकारी सामने आई। इस तरह के विवादित कार्यों से समाज में एक गलत संदेश जा रहा है और इस तरह की गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की आवश्यकता है।