लोहिया संस्थान में 113 करोड़ की मंजूरी: ट्यूमर के लिए गामा नाइफ और अमेरिकी रोबोटिक मशीन शामिल!
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अत्याधुनिक डा विंची रोबोट की प्राप्ति हुई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हाई लेवल पर्चेज कमेटी की बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में यह तय किया गया कि संस्थान में 30 विभिन्न प्रकार के चिकित्सा उपकरणों, जिसमें गामा नाइफ प्रमुख है, की खरीद को मंजूरी दी गई है। संस्थान के निदेशक, प्रो. सीएम सिंह ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार ने लोहिया संस्थान के लिए उपकरणों की खरीद को लेकर 250 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था, जिसमें से 113 करोड़ रुपये का उपयोग कर विभिन्न उपकरण खरीदे जाएंगे।
रोबोट की खरीद से लोहिया संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वर्तमान में, राज्य के SGPGI अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की प्रक्रिया चल रही है, जबकि KGMU में भी दो भारतीय रोबोट का उपयोग किया जा रहा है। रोबोटिक सर्जरी की तकनीक रोगियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती है, जिससे सर्जरी की प्रक्रियाएं अधिक सुरक्षित, सटीक और कम दर्दनाक हो जाती हैं।
इस नई तकनीक के साथ ही लोहिया संस्थान में करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से गामा नाइफ भी खरीदी जाएगी। गामा नाइफ एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जिसके जरिए बिना किसी शिकंजा या टांका लगाए मस्तिष्क की विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा। यह उपकरण रेडियोफ्रेक्वेंसी तकनीक का इस्तेमाल करके काम करता है, जिससे बैधित प्रक्रियाओं का लाभ उठाया जा सकता है।
गामा नाइफ का उपयोग विशेष रूप से तीन सेंटीमीटर से छोटे ट्यूमर, रक्त की नसों की बीमारियों, कई प्रकार के मस्तिष्क कैंसर और पार्किंसन जैसे गंभीर रोगों के उपचार में किया जा सकेगा। यह उपकरण न केवल रोगियों के लिए उपचार की एक नई दिशा खोलेगा, बल्कि लोहिया संस्थान को चिकित्सा में नवीनतम तकनीकों को अपनाने में मदद करेगा।
इस प्रकार, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में किए जा रहे ये प्रयास प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने का काम करेंगे। इसके साथ ही, आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। इस पहल से स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।