रेलवे का बड़ा सेफ्टी अपग्रेड: 1,364 करोड़ रुपये से कवच, सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम होगा मजबूत
नई दिल्ली, 06 अप्रैल । रेल मंत्रालय ने रेल सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1,364.45 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनका उद्देश्य ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाना, सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाना और कम्युनिकेशन नेटवर्क को मजबूत करना है।
रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत प्रमुख कार्यों में ‘कवच’ प्रणाली का विस्तार, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का उन्नयन और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम की स्थापना शामिल है। ये सभी पहलें ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और दक्ष बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।
सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में कवच सिस्टम का विस्तार शामिल है। इसके तहत दक्षिण रेलवे के 232 लोकोमोटिव में कवच वर्जन 4.0 लगाया जाएगा, जिस पर 208.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह तकनीक ट्रेन टक्कर रोकने में मदद करती है और सुरक्षा के लिहाज से गेमचेंजर मानी जाती है।
वहीं, उत्तर रेलवे में 3,200 से अधिक रूट किलोमीटर पर ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन (ओएफसी) नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 400.86 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इससे सिग्नलिंग सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी और कवच के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे में 2,196 रूट किलोमीटर पर 2×48 फाइबर ओएफसी नेटवर्क बिछाने के लिए 176.76 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह नेटवर्क उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों पर संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।
दक्षिण मध्य रेलवे में सिग्नलिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण के तहत 49 स्टेशनों पर पैनल इंटरलॉकिंग को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदला जाएगा। इस परियोजना पर 578.02 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा और ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और कुशल बनेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार ये सभी परियोजनाएं व्यापक आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा हैं, जिनका लक्ष्य सुरक्षा, क्षमता और संचालन दक्षता को नई ऊंचाई पर ले जाना है। कवच के विस्तार और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के जरिए आने वाले समय में ट्रेन यात्रा और अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद है।
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