ग्राम प्रधानों की बैठक में पड़हा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर
खूंटी, 10 अप्रैल । कर्रा प्रखंड क्षेत्र में ग्राम प्रधान पड़हा व्यवस्था को सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रखंड सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष सह पडहा संयोजक दिशुम गोमके महादेव मुंडा ने की। बैठक में प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए ग्राम प्रधानों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए महादेव मुंडा ने कहा कि ग्राम प्रधानों के कार्यों को व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए सचिव का चयन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सहायक सचिव के पद पर महिला का चयन किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके और कार्यों में संतुलन व पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी रजिस्टर के पन्नों का सत्यापन सचिव की ओर से किया जाएगा, जिससे अभिलेखों की विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पड़हा राजा क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन सुनिश्चित करें। साथ ही क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों की संख्या, विद्यालय, मंदिर, गिरजाघर, मस्जिद और सरना स्थलों की विस्तृत जानकारी रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय संरचना को समझने और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
महादेव मुंडा ने परंपरागत व्यवस्था को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान का चयन रूढ़िवादी परंपरा के अनुसार गांव के पहान के रूप में ही होना चाहिए। यदि किसी अन्य समुदाय से ग्राम प्रधान चुना जाता है, तो उसे प्राप्त मानदेय ब्याज सहित वापस करना होगा और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक में ग्राम प्रधानों को विकास कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए ग्राम विकास, निगरानी समिति, स्वास्थ्य एवं पेयजल, शिक्षा, कृषि, बाजार, मद्य नियंत्रण, बाल विकास और महिला विकास सहित नौ विभागों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। बैठक के अंत में सभी ग्राम प्रधानों से पड़हा व्यवस्था को मजबूत बनाने और समाज के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।