अनूपपुर: अदानी पावर के खिलाफ ग्रामीणों का धरना,भारी वाहनों से सड़क क्षतिग्रस्त
अनूपपुर, 22 मार्च । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र में कोठी-छतई गांव के बीच प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों से हो रहे नुकसान के विरोध में रविवार को जिला पंचायत सदस्य रामजी रिंकू मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अदानी पावर कंपनी के कार्यालय के सामने धरना दिया।
ग्रामीणों ने भारी वाहनों (ओवरलोड) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और नायब तहसीलदार को मांग पत्र सौंपा। प्रशासन और कंपनी अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद नो एंट्री सहित अन्य मुद्दों पर सहमति बनी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोठी में चल रहे अदानी पावर प्रोजेक्ट और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े भारी वाहन सड़क की क्षमता से अधिक भार लेकर गुजरते हैं, जिससे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। यह मार्ग बिजुरी-कोतमा का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसका उपयोग स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों द्वारा प्रतिदिन किया जाता है। भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है और लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन की सूचना पर नायब तहसीलदार बिजुरी लवतेन्द्र सिंह और बिजुरी थाना प्रभारी विकास सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कंपनी अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। कंपनी अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कराया गया। इस दौरान भारी वाहनों का परिवहन रोका गया, जिससे मेटेरियल संबंधित वाहन कंपनी गेट तक नहीं पहुंच पाए। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि नियम विरुद्ध ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पावर प्लांट प्रबंधन दो दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करेगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का निर्माण भी अब कंपनी द्वारा कराया जाएगा।
नो एंट्री का समय निर्धारित होगा
ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए भारी वाहनों के लिए नो एंट्री का समय भी निर्धारित किया गया है। सुबह 7:30 बजे से 10 बजे तक और शाम 3:30 बजे से 6:00 बजे तक भारी वाहनों के गांव से गुजरने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा बहेराबांध गांव में मंगलवार और रविवार को हाट बाजार होने के कारण इन दो दिन दोपहर 3:30 से रात 10:00 बजे तक भारी वाहनों का गांव से गुजरना प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही पावर प्लांट प्रबंधन ने बताया कि इस सड़क का जल्द ही नव निर्माण कार्य शुरू होगा और इसकी क्षमता में भी वृद्धि होगी जिससे की भारी वाहनों का आवागमन बेहतर हो सके।