News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Delhi

आईएसजीएफ 2026: भारत को खेल सामान निर्माण का ग्लोबल हब बनाने का आह्वान, हरि रंजन राव बोले— ‘बड़ा सोचें, वैश्विक स्तर पर बढ़ें’

नई दिल्ली, 31 मार्च । युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सचिव (खेल) हरि रंजन राव ने उद्योग जगत से भारत को खेल सामग्री निर्माण, निर्यात और व्यापार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने यह बात इंडिया स्पोर्टिंग गुड्स फेयर 2026 के चौथे संस्करण के उद्घाटन अवसर पर कही।

उन्होंने कहा कि यह भारत के खेल सामग्री उद्योग के लिए “स्वर्णिम समय” है और देश के पास इस क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने का अवसर है। राव ने बताया कि भारत का लक्ष्य खेल सामग्री के निर्यात को वर्तमान लगभग 3,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए उन्होंने निर्माताओं से अपने उत्पादन और क्षमता को करीब 25 गुना तक बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राव ने उद्योग जगत को नवाचार, निवेश और वैश्विक विस्तार की दिशा में काम करने की सलाह देते हुए कहा कि युवा उद्यमियों की भागीदारी इस परिवर्तन को गति दे सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को दुनिया की सबसे बड़ी खेल सामग्री प्रदर्शनी आयोजित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, जिसमें वैश्विक स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित हो।

सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के लिए केंद्रीय बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार नीतिगत समर्थन देने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसका सफल क्रियान्वयन उद्योग को ही करना होगा। साथ ही, उन्होंने संयुक्त उपक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

इस मौके पर संयुक्त सचिव (खेल) विनील कृष्णा ने कहा कि सरकार खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र को लेकर बेहद महत्वाकांक्षी है और जल्द ही इस क्षेत्र के लिए विशेष योजना शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कई राज्य सरकारें भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आने वाला दशक इस उद्योग के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा।

स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉयज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा आयोजित यह मेला 31 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक यशोभूमि द्वारका में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 75 प्रदर्शक विभिन्न खेल सामग्रियों और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

Leave a Reply