पानीपत: नमो भारत कॉरिडोर बनाने की गतिविधियां तेज, यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी : डॉ. वीरेन्द्र दहिया
पानीपत, 10 मार्च । पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर परियोजना बारे जिला सचिवालय सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति, भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित स्टेशनों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त डॉ. दहिया ने मंगलवार काे बताया गया कि दिल्ली, पानीपत करनाल कॉरिडोर के अंतर्गत जिले में चार प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें समालखा स्टेशन, पानीपत आईएसबीटी सिवाह स्टेशन, पानीपत अंडरग्राउंड स्टेशन तथा सेक्टर-18 (फ्यूचर) स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा समालखा और पानीपत में रेलवे सर्विस स्टेशन के लिए भी भूमि चिन्हित की गई है।
बैठक में डिप्टी चीफ इंजीनियर शाहाबाद आलम ने बताया कि दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर को सभी संबंधित राज्य सरकारों द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। दिल्ली सरकार ने मार्च 2024 में तथा हरियाणा सरकार ने दिसंबर 2020 में इसे स्वीकृति प्रदान की थी। इसके अलावा 22 फरवरी 2022 को हुई बैठक में कॉरिडोर के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दी गई थी। विदित रहे कि 22 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि दिल्ली -पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को एक ही चरण में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र के परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। जिले में स्टेशनों के लिए निजी, सरकारी तथा एचएसवीपी की जमीन शामिल है। इसके अतिरिक्त परियोजना के अन्य कार्यों जैसे कास्टिंग यार्ड, रैंप और कट-एंड-कवर संरचनाओं के लिए भी भूमि की आवश्यकता तय की गई है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम किया जाए। उन्होंने बताया कि नमो भारत कॉरिडोर बनने से यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी तथा जिले को इसका विशेष लाभ मिलेगा। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीडीपीओ शक्ति सिंह, तहसीलदार सौरभ शर्मा, कैलाश के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।