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अंतरिम आदेश कोर्ट पर बाध्यकारी नहीं : हाईकोर्ट

प्रयागराज, 17 मार्च । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बैंक लोन में बंधक कृषि भूमि व एक हिस्से पर बने भवन को सरफेसी एक्ट की धारा 14 के तहत कब्जा लेने की कार्यवाही की वैधता की चुनौती याचिका खारिज कर दी है।

कोर्ट ने कहा याची को धारा 31(1) का लाभ नहीं मिलेगा। बैंक ने कृषि भूमि व गैर कृषि भूमि पर बने भवन को भी बंधक रखा है। बैंक ने भवन को कब्जे में लेने की कार्यवाही की है। इसलिए याची को धारा 31(1) का लाभ नहीं मिलेगा। यह तथ्य भी नहीं है कि कभी कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित किया गया या नहीं। किंतु याची का कहना था कि गैर कृषि भूमि पर सरफेसी एक्ट की कार्यवाही नहीं की जा सकती।

यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने प्रयागराज के अश्वनी कुमार मिश्र व दो अन्य की याचिका पर दिया। यह भी तर्क दिया कि ऐसे मामले में लखनऊ खंडपीठ ने रहबरी बेगम केस में अंतरिम राहत दी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अंतरिम आदेश बाध्यकारी नहीं होते।

मालूम हो कि याची के अंतहिया गांव के प्लाट 653 जिस पर भवन बना है और दो प्लाट 209 व 215 मौजा गौराकला व कुछ अंतहिया मौजे के अन्य प्लाट पर लोन लिया। एक प्लाट का कुछ हिस्सा गैर कृषि भूमि है। जिस पर भवन बना है। सभी बंधक रखा गया।

कोर्ट ने कहा प्लाट 653 पर भवन है, गैर कृषि भूमि है। जो धारा 31(1) के अपवाद के अंतर्गत नहीं आती। बैंक ने भवन के कब्जे की कार्यवाही की है। इसलिए धारा 31(1) का लाभ नहीं मिलेगा और याचिका खारिज कर दीं।

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