News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Delhi

हाई कोर्ट ने गौतम गंभीर के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की रक्षा का आदेश दिया

नई दिल्ली, 25 मार्च । दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की रक्षा का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वो मेटा और गूगल समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर गौतम गंभीर की अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो और कंटेंट हटाने का आदेश जारी करेगा।

याचिका में कहा गया था कि 2025 से गौतम गंभीर को लेकर बिना अनुमति के भ्रामक कंटेंट परोसे जा रहे हैं। कभी कहा जाता है कि गंभीर ने त्यागपत्र दे दिया। कभी इस बात का वीडियो अपलोड किया जाता है कि उन्होंने एक खिलाड़ी पर हमला किया। गंभीर की याचिका में कहा गया था कि उनकी पहचान का एआई और डीफफेक तकनीक के जरिये बिना अनुमति दुरुपयोग किया जा रहा है। गौतम गंभीर ने अपनी याचिका में व्यक्तित्व के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ढाई करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी।

याचिका में गौतम गंभीर ने कई सोशल मीडिया अकाउंट, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा था कि उनके नाम, आवाज या व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का बिना अनुमति धड़ल्ले से दुरुपयोग किया जा रहा है। याचिका में कहा गया था कि कई सारे वीडियो में उनके त्यागपत्र देने की फर्जी घोषणाएं औऱ वरिष्ठ क्रिकेटर्स पर मनगढ़ंत टिप्पणियां की गई हैं। उनकी पहचान का व्यावसायिक दोहन किया जा रहा है। याचिका 16 प्रतिवादियों के खिलाफ दायर की गई थी।

इसके पहले उच्च न्यायालय ने फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, स्वामी बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।

Leave a Reply