उच्च शिक्षा के दौरान स्टाफ नर्सों को मिलेगा पूरा वेतन: मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 11 मार्च । मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि अब राज्य में स्टाफ नर्सों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान पूरा वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक नर्सों को पढ़ाई के समय केवल 40 प्रतिशत वेतन मिलता था, लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव करने का फैसला लिया है ताकि नर्सिंग स्टाफ को आगे पढ़ने और अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहन मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बुधवार को शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान की। इस कार्यक्रम का आयोजन नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी ने किया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं और समाज में बेहतर योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि अगले महीने मेडिकल एजुकेशन विभाग में 80 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि आने वाले एक साल में स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर सुधार देखने को मिलेंगे और इस क्षेत्र में नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने आउटसोर्स आधार पर होने वाली भर्तियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करना चाहती है क्योंकि इससे युवाओं का शोषण होता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में नियमित स्टाफ नर्सों के साथ-साथ असिस्टेंट स्टाफ नर्स के नए पद भी सृजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। इसके अलावा बैचवाइज आधार पर नर्सों की भर्ती भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पास सीमित संसाधन हैं और यहां उद्योग भी सीमित हैं। जीएसटी व्यवस्था के कारण भी हिमाचल को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि यहां बनने वाले उत्पादों की खपत बड़े राज्यों में होती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को बिजली परियोजनाओं में 50 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी चाहिए, जिससे हिमाचल के लोगों को उनका उचित अधिकार मिल सके।