एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक, कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश
हरिद्वार, 13 मार्च । जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों के साथ एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 42 गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं, जिनके माध्यम से एलपीजी गैस की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम बाधित होने के कारण उपभोक्ताओं को ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इससे ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत आ रही है और गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग और आपूर्ति से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति नियमित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों पर नोडल अधिकारी नामित कर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। नामित नोडल अधिकारी समय-समय पर गैस एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग करें। यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अनियमित वितरण या उपभोक्ताओं से अधिक धनराशि वसूलने की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर से संबंधित कोई समस्या आती है, जैसे समय पर सिलेंडर न मिलना, अधिक कीमत वसूली या अन्य शिकायतकृतो वह कंट्रोल रूम नंबर 01334-239444, टोल फ्री 01334-1077 या मोबाइल नंबर 9068197350 पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल सहित खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।