महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला का आयोजन
देहरादून, 7 फरवरी । देहरादून स्थित उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) के सभागार में शनिवार को महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. मीरा तिवारी, शिक्षाविद प्रो. रीमा पंत, वैज्ञानिक डॉ. पूनम गुप्ता तथा यूसैक के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, अभिनेता दिलीप ताहिल उपस्थित रहे।
कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ निर्णय-निर्माण और शासन के प्रत्येक स्तर पर महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम महिलाओं को अपनी बात रखने और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं।
कार्यशाला में फिल्म अभिनेता दिलीप ताहिल ने कहा कि तकनीकी विकास से फिल्म उद्योग में महिलाओं को निर्देशन, लेखन और निर्माण के नए अवसर मिले हैं। अन्य वक्ताओं ने भी तकनीक के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में वैज्ञानिक डॉ. पूनम गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल क्लासरूम और मोबाइल ऐप के माध्यम से महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच आसान हुई है। शिक्षाविद प्रो. रीमा पंत ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-गवर्नेंस महिलाओं को अपनी आवाज उठाने और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदारी का अवसर देते हैं।
यूसैक के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि आधुनिक तकनीक महिलाओं के लिए रोजगार, नवाचार, कौशल विकास और नेतृत्व के नए अवसर सृजित कर रही है। सूचना एवं संचार तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई आधारित प्रणालियां महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।