अरावली के ‘हत्यारे’ अब ओढ़ रहे पर्यावरण प्रेम का ढोंग: टीकाराम जूली
अलवर, 08 फ़रवरी। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार पर हमलावर रुख अपनाया है। जूली ने रविवार को सीधे शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने अरावली की छाती चीरकर उसकी हत्या की साजिशें रचीं, आज वे ही ढोंगियों की तरह पर्यावरण संरक्षण का उपदेश दे रहे हैं।
जूली ने सरकार की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में काम हो न हो, लेकिन सरकारी विज्ञापनों और ब्रांडिंग का नंगा नाच जोर-शोर से चल रहा है। अलवर में हुए 152 करोड़ के लोकार्पण को उन्होंने कागजी बताते हुए पूछा कि धरातल पर ईंट भी लगी है या सिर्फ श्रेय लूटने की राजनीति हो रही है?
जूली ने कहा कि दो साल वर्सेज पांच साल के जुमले को जनता मज़ाक़ समझती है। जो सरकार बालिकाओं को 2 साल में एक स्कूटी तक नहीं दे पाई, सैनिटरी नैपकिन की योजना तक को बन्द कर दिया और ऐसी बातें करने का नैतिक साहस भी यहां से लाते हैं।
मुख्यमंत्री अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की बात करते हैं, जबकि हकीकत यह है कि यह सरकार ‘प्रथम पंक्ति’ के अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने के अलावा कुछ नहीं कर रही।
टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। उनके भाषणों में सिर्फ ‘मोदी का गुणगान’ और ‘भाइयों-बहनों’ का रटा-रटाया संबोधन होता है।
जूली ने याद दिलाया कि जो आज किसान-मजदूर के हमदर्द बन रहे हैं, उन्हीं की सरकार ने तीन काले कानूनों के जरिए किसानों की कमर तोड़ने की साजिश रची थी।
जूली के अनुसार, भाजपा ने सत्ता में आते ही विकसित होते राजस्थान को दोबारा ‘बीमारू प्रदेश’ की श्रेणी में ढकेल दिया है।
ईआरसीपी के मुद्दे पर जूली ने सीधा हमला बोलते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी, ईआरसीपी के नाम पर जो साफा बंधवाकर वाहवाही लूटी थी, उसका क्या हुआ? वह योजना आज किस ठंडे बस्ते में है?” उन्होंने जेजेएम के दावों को सफेद झूठ करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पीठ खुद थपथपा रहे हैं, जबकि जनता एक-एक बूंद पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है।
प्रशासनिक विफलता पर प्रहार करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज राजस्थान में अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम है। मंत्रियों और अधिकारियों के बीच कोई तालमेल नहीं है। मुख्यमंत्री केवल भाषणबाजी में व्यस्त हैं, जबकि जनता की सुनवाई करने वाला शासन में कोई नहीं है।