यौन उत्पीडऩ व मारपीट के आरोपित की जमानत खारिज
जोधपुर, 06 फरवरी । जोधपुर महानगर के सेशन न्यायालय ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र के चर्चित दुष्कर्म व मारपीट मामले में आरोपित मुकुल छुगानी उर्फ मोनू की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश सेशन न्यायाधीश अजय शर्मा ने बुधवार को सुनवाई के बाद पारित किया।
पीडि़ता के अधिवक्ता सुमित कल्ला एवं एडवोकेट विशाल जोशी ने बताया कि मामला सीआर संख्या 36/2026 से जुड़ा है, जिसमें आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 115(2), 126(2), 74, 64(2)(म) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज है।
पीडि़ता ने आरोप लगाया था कि आरोपित ने पहले सोशल मीडिया के जरिए जान-पहचान बढ़ाई, फिर उसका निजी डेटा अपने मोबाइल में ले लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर बार-बार शारीरिक शोषण किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपित ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। कोर्ट ने केस डायरी, पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपित के खिलाफ गंभीर आरोप बनते हैं।
न्यायालय ने माना कि इस प्रकार के अपराध महिला की गरिमा और सुरक्षा पर गंभीर आघात हैं तथा समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। आरोपित पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी जान-पहचान थी और मामला झूठा है, लेकिन अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि जांच अभी जारी है और ऐसे में आरोपित को जमानत देना उचित नहीं होगा।
अंतत: सेशन कोर्ट ने धारा 483 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत दायर जमानत आवेदन को खारिज कर दिया और आरोपित को न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।