भोपाल में किन्नर समुदाय का विरोध प्रदर्शन, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप
भोपाल, 10 फ़रवरी । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किन्नर समुदाय से जुड़ा विवाद मंगलवार को उस समय और गहरा गया, जब बड़ी संख्या में किन्नर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे किन्नरों का आरोप है कि किन्नर गुरु सुरैया द्वारा उन पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कलेक्टर के नाम सौंपे गए आवेदन में हिंदू किन्नरों ने आरोप लगाया कि भोपाल में रहने वाली सुरैया गुरु बीते कई वर्षों से अपने शिष्यों पर इस्लाम अपनाने का दबाव बना रही हैं। किन्नरों का दावा है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। साथ ही उन्हें गोमांस खाने, फर्जी दस्तावेज बनवाने और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि लगातार धमकियों के कारण किन्नर समुदाय भय के माहौल में जी रहा है और कई लोग अपनी पारंपरिक आजीविका—बधाई और कार्यक्रमों में जाने—से वंचित हो रहे हैं। मंगलवारा क्षेत्र में रहने वाले किन्नरों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए जान-माल के खतरे की आशंका जताई है।
लगाए गए प्रमुख आरोप
किन्नरों पर धार्मिक आस्था बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।
विरोध करने पर मारपीट और धमकियां दी जाती हैं।
झूठे मामलों में फंसाने और दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों को भी धमकियां मिल रही हैं।
ये मांगे रखीं
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच
किन्नर समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद कर स्थायी समाधान
भयमुक्त माहौल बनाने की मांग
सुरैया गुरु ने आरोपों को बताया झूठा
वहीं, किन्नर गुरु सुरैया ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला धर्म परिवर्तन का नहीं, बल्कि गद्दी और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई का है। सुरैया का कहना है कि किन्नरों का कोई धर्म नहीं होता और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग उनकी गद्दी छीनना चाहते हैं और इसी कारण विवाद को धार्मिक रंग दिया जा रहा है।