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‘वायु शक्ति’ में बारह हजार किलो बारूद से गूंजेगा बॉर्डर इलाका, फुल ड्रेस रिहर्सल मंगलवार को

जोधपुर, 23 फरवरी । भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर राजस्थान में पोकरण का आसमान 24 व 27 फरवरी को भारतीय वायु सेना के शौर्य का गवाह बनेगा। वायु शक्ति-2026 अभ्यास में सी-295 एयरक्राफ्ट की पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग होगी। यह पहला मौका है जब यह आधुनिक परिवहन विमान रात के अंधेरे में दुश्मन की सीमा के करीब लैंडिंग कर अपनी ताकत दिखाएगा।

भारत इस युद्धाभ्यास से दुनिया को वायु सेना की ताकत का मैसेज देगा कि अंधेरे में भी सटीक प्रहार करने में सक्षम है। इसके साथ ही सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ये विमान भारतीय वायु सेना के विशेष दस्ते गरुड़ कमांडो को सीधे वॉर-जोन में उतारेंगे। भारतीय वायु सेना के पास अभी 12 से अधिक सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान हैं। 24 फरवरी को इस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को होगा।

एयर मार्शल नागेश कपूर के मुताबिक इस बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद इस्तेमाल किया जाएगा। यह आंकड़ा ही बताता है कि अभ्यास कितने बड़े पैमाने पर होगा। गोलाबारी और ऑपरेशन के लिए 77 फाइटर जेट और 43 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरेंगे, जिससे साफ है कि भारतीय वायु सेना कई मोर्चों पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन करेगी।

इस बार रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट यानी मानवरहित विमानों को पहली बार इतने बड़े सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। भविष्य के युद्धों में ड्रोन और आरपीए की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘वायु शक्ति-2026’ में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन होगा। यह अभ्यास केवल हमलावर क्षमता दिखाने तक सीमित नहीं है। इसमें कठिन परिस्थितियों में एयरलिफ्ट, आपदा प्रबंधन और बचाव अभियानों में वायु सेना की भूमिका को भी परखा जाएगा। युद्ध जैसी स्थिति में जमीनी सेनाओं तक जल्दी मदद पहुंचाना, दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में एयर ऑपरेशन चलाना और उन्हें रणनीतिक सफलता में बदलना, इसी क्षमता का प्रदर्शन इस अभ्यास में किया जाएगा।

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