हरियाणा सरकार ने तैयार किया विजन डाक्यूमेंट 2047
चंडीगढ़, 20 फ़रवरी । हरियाणा की नायब सरकार ने इस अवधि तक राज्य की अर्थव्यवस्था को एक लाख करोड़ (एक ट्रिलियन डालर) तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सरकार ने हरियाणा का विजन डाक्यूमेंट-2047 जारी किया है। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम घोष ने विधानसभा के बजट सत्र में अपने अभिभाषण के दौरान नायब सरकार के विजन डाक्यूमेंट-2047 की विस्तार से जानकारी दी। इस डाक्यूमेंट में विकसित हरियाणा बनाने के लिए छह मुख्य बिंदुओं का उल्लेख है।
ट्रिपल-सी, ट्रिपल-एस, ट्रिपल-आइ, ट्रिपल-ई, ट्रिपल-आर और ट्रिपल-एच फार्मूले को अपनाते हुए हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के साथ-साथ मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने का सपना सरकार ने देखा है। हरियाणा सरकार के विजन डाक्यूमेंट-2047 के पहले बिंदु ट्रिपल-सी के मुताबिक क्लीन, कार्बन नेगेटिव और कंड्यूसिव एनवायरमेंट के जरिये कार्बन नेगेटिव स्टेट बनाने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। ट्रिपल-एस का मतलब सेफ, सिक्योर और सस्टेनेबल पालिसी को अपनाने की रणनीति है, जिसके जरिये हरियाणा के वित्त एवं सुरक्षा ढांचे को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। ट्रिपल-आइ बिंदु का मतलब एआइ इनोवेशन, इनक्लूजन और इंटरनेशनल अलाइनमेंट के जरिये वैश्विक मानकों को पूरा करने से है, जिस दिशा में नायब सरकार पिछले एक साल से पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के जिस ट्रिपल-ई फार्मूले का जिक्र किया है, उसमें इक्विटेबल, इको फ्रेंडली और एक्सपेरिमेंटल फार्मिंग के बिंदु शामिल हैं। इन्हें अपनाकर हरियाणा की खेती को जल संरक्षण, तकनीक और नवाचार से जोडऩे की दिशा में सरकार ने काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। ट्रिपल-आर बिंदु के अंतर्गत री-इमेजिन, री-डिजाइन और री-इनवेस्ट को शामिल किया गया है, जिनके माध्यम से युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के विजन डाक्यूमेंट का अंतिम संकल्प ट्रिपल-एच पर आधारित है, जिसके अंतर्गत हेल्दी, होपफुल और हैप्पी बिंदु शामिल किए गए हैं। हेल्दी मतलब स्वस्थ, होपफुल मतलब आशावादी और हैप्पी मतलब खुशियां। इन बिंदुओं के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का हर परिवार सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मान से जिंदगी जीये। विकसित हरियाणा के लिए इन लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु यह जरूरी बताया गया कि नीति निर्माण करने वाले सभी दल और उनके जनप्रतिनिधि इसमें सक्रिय सहयोग प्रदान करें।