आमजन की सुविधाओं पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं, जेडीए बताए कब तक खाली करेंगे सामुदायिक केन्द्र-हाईकोर्ट
जयपुर, 18 फरवरी । राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक केन्द्र में जेडीए का जोन ऑफिस खोलने से जुडे मामले में कहा है कि किसी अधिकारी या प्राधिकरण को सार्वजनिक उपयोगी सेवाओं पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही अदालत ने जेडीए को 16 मार्च तक बताने को कहा है कि सामुदायिक केन्द्र को खाली कर ऑफिस को कब तक दूसरी सरकारी भवन या किराए की बिल्डिंग में शिफ्ट कर लिया जाएगा। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश श्याम सुंदर शर्मा व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि किसी भी कॉलोनी में स्थापित सामुदायिक केन्द्र जनता के उपयोग के लिए है और यहां कार्यालय स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में जेडीए को अपना कार्यालय यहां से शिफ्ट करना चाहिए, ताकि आम जनता सामुदायिक केन्द्र का उपयोग कर करे।
सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से अधिवक्ता अमित कुड़ी ने अदालत को बताया कि पृथ्वीराज नगर का जोनल ऑफिस पहले मानसरोवर के हाउसिंग बोर्ड की इमारत में चल रहा था। इस इमारत को अस्पताल के लिए जून, 2024 में खाली करने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में इसे पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक केन्द्र में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया था। जेडीए की वेस्टवे हाइट्स आवासीय योजना में इस ऑफिस के भवन के निर्माण के लिए टेंडर स्वीकृत हो चुका है। ऐसे में कार्यालय शिफ्ट करने में कम से कम दो साल का समय लगेगा। इसके अलावा सामुदायिक केन्द्र का लोग उपयोग काफी कम कर रहे हैं। इस पर अदालत ने जेडीए को 16 मार्च तक भवन खाली करने की तारीख बताने को कहा है। जनहित याचिका में सामुदायिक केन्द्र में जोनल ऑफिस खोलने को चुनौती दी गई है।