हजारों देवलुओं के साथ 100 अधिक ग्रामीण देवी देवताओं ने दी मंडी शहर में दस्तक
अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2026 जो प्रदेश का एक बहुत बड़ा देव समागम माना जाता है में भाग लेने के लिए रविवार को 100 से अधिक देवी देवता अपनी-अपनी पालकियों-रथों पर सवार होकर हजारों देवलुओं के साथ मंडी पहुंच गए। छोटी काशी मंडी देव ध्वनि से गूंजने लगा है। लोगों ने अपने अपने अराध्य देवी देवताओं को खुले दिल से फूल बरसा व नतमस्तक होकर स्वागत किया। मंडी पहुंच कर सबसे पहले इस देवी देवताओं ने मुख्य राज देवता राज माधव यानी माधो राय के दरबार में हाजिरी भरी। पूरा शहर देव ध्वनि जिसमें करनालें, रणसिंघे, टमक, ढोल नगाड़े, शहनाई व अन्य लोक वाद्य यंत्र हैं से शहर थिरकने लगा है।
सोमवार को विधिवत माधो राय की पालकी के साथ पहली शोभायात्रा यानी जलेब निकली। जबकि दूसरी जलेब 19 व अंतिम जलेब 22 को फरवरी को निकलेगी। दूसरी जलेब में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया व समापन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के भाग लेने का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वह मंडी पहुंच गए हैं तथा उन्होंने ब्यास नदी किनारे प्राचीन पंचबख्तर मंदिर के पास ब्यास आरती में भाग लिया। बाराणसी से आए विद्वान पंडितों द्वारा यह आरती संपन्न करवाई गई। रविवार को ही मेले के उपलक्ष में हेरिटेज वॉक का आयोजन भी किया गया जिसमें मंडी के प्राचीन मंदिरों व इमारतों का भ्रमण किया गया। पुलिस विभाग द्वारा हाफ मैराथन का आयोजन भी किया गया जिसमें 155 धावकों ने भाग लिया।