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बलरामपुर में अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश

बलरामपुर, 23 फ़रवरी । पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के नेतृत्व में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में जिले की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित अपराध, मर्ग, गुमशुदगी, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर प्रकरण, ऑपरेशन मुस्कान, एनडीपीएस अधिनियम, आईटी अधिनियम, साइबर अपराध, महिलाओं से संबंधित अपराध, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, यातायात व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में आगामी होली पर्व और रमजान माह के मद्देनजर जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को शांति समिति की बैठक आयोजित कर क्षेत्र में सतत निगरानी रखने और पुलिस बल को सक्रिय रखने को कहा। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराधों, लंबित चीटफंड एवं धोखाधड़ी के मामलों, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, लंबित पीड़ित मुआवजा प्रकरणों और जनशिकायतों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया। साथ ही वर्दी अनुशासन और बेसिक पुलिसिंग के मानकों के पालन की भी हिदायत दी।

लंबित अपराधों की समीक्षा के दौरान थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि पुराने मामलों में विवेचना में तेजी लाकर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत बच्चों की खोज और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जब्त वाहनों के राजसात की प्रक्रिया तेज करने, वित्तीय जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) तथा बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज पर प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराधों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए म्यूल अकाउंट, प्वाइंट ऑफ सेल इन्वेस्टिगेशन, सोशल इंजीनियरिंग, फर्जी एपीके, ओटीपी फ्रॉड जैसे नए साइबर मॉडस ऑपरेंडी पर चर्चा की गई। पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने और आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया गया। आईटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की त्वरित जांच और निराकरण सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

महिलाओं से संबंधित अपराधों पर विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए। पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में शीघ्र विवेचना कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।

निवारक निरोध और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने, संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट, ट्रिपल सवारी, नाबालिग वाहन चालक, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।

पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार को पुलिस की प्राथमिकता बताया गया।

बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है, जिसके लिए समर्पण और पारदर्शिता आवश्यक है।

बैठक में वाड्रफनगर एसडीओपी रामावतार ध्रुव, एसडीओपी बलरामपुर मो. याकूब मेमन, रामानुजगंज एसडीओपी बाजीलाल सिंह, डीएसपी मुख्यालय प्रमोद किस्पोट्टा, डीएसपी अजाक कमलेश्वर भगत सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, रक्षित निरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।

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