बेदखली के बाद भी नहीं छोड़ी वन विभाग की जमीन, दो सगे भाइयों पर एफआईआर
शिमला, 19 फ़रवरी । शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। विभाग का आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा बेदखली के बावजूद दो लोग विवादित भूमि पर लगातार काम कर रहे हैं और जमीन खाली करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला महाशू वन विभाग के ब्लॉक फॉरेस्ट अधिकारी विक्रम सिंह की शिकायत पर पुलिस थाना कोटखाई में दर्ज हुआ है। शिकायत में बताया गया है कि कोटखाई के महाशू निवासी दो सगे भाई बलवंत और दीपक ने महाशू में जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था। बाद में राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जमीन से बेदखल कर दिया और भूमि वन विभाग को सौंप दी।
वन विभाग के अनुसार बेदखली के बाद विभाग के कर्मचारियों और वन रक्षकों ने मौके पर जाकर भूमि की सीमाओं पर स्थायी निशान लगाकर कब्जा ले लिया था। इसके बावजूद आरोप है कि बलवंत और दीपक जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं और चेतावनी के बाद भी उसी भूमि पर काम कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी कोटखाई के आदेश पर एक समिति गठित की गई। इस समिति ने 13 फरवरी को संबंधित खसरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिन प्लॉटों से बेदखली की गई थी, वहां सेब के पेड़ों की कटाई-छंटाई की गई थी, दवाइयों का छिड़काव किया गया था और कुछ पेड़ों के तनों पर चूना भी लगाया गया था। विभाग का कहना है कि यह काम उसी भूमि पर किया गया, जिसे पहले ही खाली करवाकर वन विभाग के हवाले किया जा चुका है।
वन विभाग का आरोप है कि दोनों व्यक्ति अब भी उक्त भूमि पर काम कर रहे हैं और बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
इस संबंध में पुलिस थाना कोटखाई में भारतीय न्याय संहिता की धारा 329(3) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।